
बयाना उपखंड के खानखेड़ा गांव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब ग्रामीणों के लिए नासूर बनती जा रही है। पापरी मोड़ से खानखेड़ा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग वर्तमान में गहरे गड्ढों और भारी जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर दलदल का रूप ले चुका है।
इस मार्ग की जर्जर स्थिति ने आमजन के आवागमन को न केवल बाधित किया है, बल्कि इसे अत्यधिक जोखिम भरा बना दिया है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और विद्यालय जाने वाले मासूम बच्चों को इस कीचड़ युक्त रास्ते से गुजरते समय भारी कठिनाइयों और दुर्घटनाओं के साए में सफर करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने इस दुर्दशा का मुख्य कारण क्षेत्र की पत्थर खदानों से होकर गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों को बताया है। पत्थर से लदे इन भारी वाहनों के निरंतर दबाव ने डामर की सड़क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, किंतु विडंबना यह है कि संबंधित विभाग ने इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया है। स्थानीय निवासी राकेश तंवर ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अनेक बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही प्राप्त हुए हैं। ग्राम पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों की इस अनदेखी से समस्त ग्रामीण क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अविलंब सड़क की मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं कराया, तो वे उग्र आंदोलन की राह चुनने को विवश होंगे। समस्या का समाधान न होने की स्थिति में क्षेत्र के हालात और अधिक बिगड़ने की प्रबल आशंका बनी हुई है।
