
बयाना कस्बा सहित पूरे उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को ईद उल अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के वातावरण में पूरे जोश के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और लोग नए वस्त्र पहनकर मस्जिदों एवं ईदगाहों में पहुंचे, जहां उन्होंने अल्लाह की इबादत करते हुए अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
दमदमा रोड स्थित बयाना की ईदगाह पर सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में डूबा रहा और चारों ओर आस्था एवं शांति का माहौल बना रहा। नमाज के पश्चात दिल्ली से आए मौलाना हामिद खान ने तकरीर करते हुए लोगों को नेकी, इंसानियत और ईमानदारी के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला महासचिव असलम खान ने बताया कि ईद उल अजहा त्याग, समर्पण और मानवता का संदेश देने वाला पर्व है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और महिलाओं में भी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और लोगों ने आपसी शुभकामनाएं साझा कर खुशियां बांटी।
पर्व के दौरान नगरपालिका प्रशासन की ओर से ईदगाह परिसर में शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई। वहीं कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राशिद खान, अनवर खान, वकील खान, बच्चा खान, सुनहरी, कमरुद्दीन सहित मुस्लिम समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में गांव ब्रह्मबाद की मस्जिद में भी ईद की नमाज अदा की गई, जहां लोगों ने आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता को बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में ईद उल अजहा का पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ, जो क्षेत्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दे गया।
