
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को विकास और लोक-कल्याण की बड़ी सौगातें समर्पित की हैं।
दौसा जिले के बांदीकुई में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 607.66 करोड़ रुपये की लागत वाले 213 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महात्मा फुले का जीवन महिला सशक्तीकरण, किसान उत्थान और शोषितों के न्याय के लिए समर्पित रहा, और आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र व राज्य सरकार इसी मिशन को धरातल पर उतार रही हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महात्मा ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती को आज से 10 अप्रैल 2027 तक पूरे एक वर्ष तक 'राष्ट्रीय गौरव' के साथ मनाया जाएगा।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ज्योतिबा फुले के योगदान को रेखांकित किया और बताया कि कैसे उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्री बाई फुले को शिक्षित कर समाज सुधार की नींव रखी थी। इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में 'सावित्री बाई फुले ई-लाइब्रेरी' और सभी जिलों में 'महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय' स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके साथ ही, बांदीकुई पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम अब महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर होगा। स्थानीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु उन्होंने बांदीकुई-दौसा रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण और बांदीकुई व बसवा नगरपालिका में सीवरेज व ड्रेनेज कार्यों की भी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीतियों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं और राजस्थान में भी 16 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त किया गया है।
प्रशासनिक दृढ़ता और सुशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और पेपरलीक के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के समय हुए पेपरलीक और जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में लिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने 1.25 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी हैं और आगामी भर्तियों के लिए कैलेंडर भी जारी कर दिया है। कृषि क्षेत्र में पीएम किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने और गेहूं पर 150 रुपये बोनस देने जैसे कदम किसानों की समृद्धि का आधार बन रहे हैं। 'राइजिंग राजस्थान' के माध्यम से निवेश को धरातल पर उतारने और पशुपालकों के लिए 'मंगला पशु बीमा योजना' व 'गोपाल क्रेडिट कार्ड' जैसी योजनाएं राज्य के सर्वांगीण विकास की नई गाथा लिख रही हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बाबा साहेब अम्बेडकर और ज्योतिबा फुले के संघर्षों को याद करते हुए महिला सशक्तीकरण पर बल दिया, जबकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से 17 जिलों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री राजेन्द्र गहलोत सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 607 करोड़ के इन विकास कार्यों में ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं, जो आने वाले समय में दौसा सहित पूरे राजस्थान की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे।
Meta Description
