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भीलवाड़ा: केसीसी लोन के नाम पर विधवा की 11 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री, एसपी से शिकायत

Prathakal 4 months ago

भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र के काँवलिया गांव से विधवा महिला के साथ कथित धोखाधड़ी, फर्जी रजिस्ट्री और जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि केसीसी लोन दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने महिला की करीब 11 बीघा पैतृक जमीन अपने नाम करवा ली।

विरोध करने पर महिला के साथ खेत में घुसकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। रायला थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़िता अपने पुत्र के साथ भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई रिपोर्ट में काँवलिया निवासी माया बैरवा (59) पत्नी स्वर्गीय कल्लू बैरवा ने बताया कि वर्ष 2013 में पति की मृत्यु के बाद वह कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण कर रही थी। इसी दौरान पुत्री मदनी की शादी तय होने पर उसे रुपयों की आवश्यकता पड़ी। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी विनोद बैरवा ने बैंक से केसीसी लोन दिलाने का भरोसा दिया और कागजी कार्रवाई के बहाने उसे तथा उसके बेटों को रायला ले गया।

रिपोर्ट के अनुसार, वहां पहले से मौजूद सावरमल मेघवंशी, दयाराम और रोशन कुमावत ने मिलीभगत कर महिला के सीधेपन का फायदा उठाया। आरोपियों ने केसीसी लोन की प्रक्रिया बताकर काँवलिया स्थित आराजी संख्या 540, रकबा 11 बीघा 16 बिस्वा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री चुपके से सावरमल मेघवंशी के नाम करवा दी। महिला का आरोप है कि उसे किसी प्रकार की प्रतिफल राशि नहीं दी गई और धोखे से उसकी पैतृक जमीन हड़प ली गई। पीड़िता ने बताया कि जमीन पुश्तैनी होने के कारण आज भी उस पर उसका कब्जा बना हुआ है।

मामले ने 27 मई 2026 को नया मोड़ ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन माया बैरवा अपने खेत की देखरेख के लिए पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी शंकर लाल खटीक वहां आया और दावा किया कि उसने यह जमीन सावरमल मेघवंशी से खरीद ली है। महिला द्वारा विरोध करने पर आरोपी शंकर लाल और लक्की खटीक ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोप है कि दोनों ने महिला को हाथ मरोड़कर नीचे गिरा दिया और हाथ-पैर तोड़ने व जान से मारने की धमकियां दीं।

महिला के शोर मचाने पर रमेश बैरवा सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उसे बचाया। एफआईआर की कॉपी के अनुसार, पीड़िता ने उप-पंजीयक कार्यालय रायला के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने का आरोप लगाया है। रायला थाने में कार्रवाई नहीं होने से परेशान महिला अब एसपी कार्यालय पहुंची है। उसने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कूटरचित दस्तावेज बरामद करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

विधवा महिला की पैतृक जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री और विरोध पर मारपीट की यह घटना जिले में जमीन धोखाधड़ी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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