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भीलवाड़ा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत गतिविधियां शुरू

Prathakal 1 week ago

राजस्थान सरकार के कड़े और दूरदर्शी निर्देशानुसार भीलवाड़ा जिले में जल संकट से निपटने और भावी पीढ़ी को सुरक्षित करने के उद्देश्य से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक अभूतपूर्व महाक्रांति का आगाज हुआ है।

गुरुवार को पूरे जिले में विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय से जल संरक्षण, जल बचत और व्यापक जनजागरूकता से जुड़ी विविध गतिविधियों का ताबड़तोड़ आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू के सख्त एवं प्रभावी दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस अभियान का मुख्य ध्येय आमजन को पानी की एक-एक बूंद के महत्व के प्रति जागरूक करना और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का एक सशक्त और दूरगामी संदेश समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना था।

इस महाअभियान के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अद्वितीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए विभागीय अधिकारियों, समर्पित कार्मिकों, दानवीर भामाशाहों एवं सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं के साझा सहयोग से "वंदे गंगा जल सेवा" कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर आयोजन किया। भीषण गर्मी के इस दौर में मानवता की सेवा करते हुए सार्वजनिक स्थानों, व्यस्त बस स्टैंडों एवं प्रमुख मार्गों पर राहगीरों तथा यात्रियों को शीतल पेयजल उपलब्ध करवाया गया। इतना ही नहीं, बसों में सफर कर रहे यात्रियों को भी रोक-रोककर पेयजल वितरित किया गया और इस सेवा के माध्यम से समाज में जल सेवा का एक अनुपम संदेश प्रसारित किया गया।

अभियान की गंभीरता को देखते हुए जिले के विभिन्न पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों एवं प्राचीन जल संरचनाओं की युद्धस्तर पर साफ-सफाई की गई, जिससे आमजन को स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों के वास्तविक महत्व का अहसास कराया जा सके। इसके साथ ही, पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जगह-जगह जल बचत एवं जल संरक्षण के विशेष जन-जागृति कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें नागरिकों को उनके दैनिक जीवन में जल का विवेकपूर्ण और सीमित उपयोग करने के लिए दृढ़ता से प्रेरित किया गया।

इस पूरे आंदोलन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाते हुए विभाग द्वारा एक सघन जल परीक्षण अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की गहन जांच की गई और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति पूरी तरह जागरूक किया गया। दूसरी ओर, भूजल विभाग ने भी अपनी तत्परता दिखाते हुए "कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान" के अंतर्गत संचालित कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया तथा जल संरक्षण संरचनाओं एवं भूजल संवर्धन गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की।

इस अभियान की धार्मिक और सांस्कृतिक गहराई को रेखांकित करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर पूर्ण विधि-विधान से जल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां उपस्थित जनसमुदाय को जल को जीवन का एकमात्र आधार बताते हुए उसके संरक्षण का सामूहिक और अटूट संकल्प दिलाया गया। इन सभी कार्यक्रमों में आमजन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने अत्यंत सक्रिय और उत्साहजनक भागीदारी निभाकर इसे एक उत्सव का रूप दे दिया।

इस व्यापक अभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धनपत राज सोनी (वृत्त भीलवाड़ा), अधिशाषी अभियंता श्री रामप्रसाद जाट (माण्डलगढ़ परियोजना) तथा अधिशाषी अभियंता श्री बख्शूराम गुर्जर (ग्रामीण खंड भीलवाड़ा) सहित समस्त विभागीय उच्चाधिकारियों ने स्वयं विभिन्न गतिविधियों में फील्ड पर उतरकर भाग लिया और आमजन से इस अभियान को सफल बनाने का पुरजोर आह्वान किया।

जिला प्रशासन ने इस पूरी मुहिम के दूरगामी प्रभाव को देखते हुए समस्त जिलेवासियों से पुरजोर अपील की है कि वे जल संरक्षण को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर इसे अपने जीवन का एक अनिवार्य जन आंदोलन बनाएं और इसमें अधिकाधिक सहभागिता निभाकर भीलवाड़ा को जल समृद्ध जिला बनाने में अपना ऐतिहासिक योगदान दें।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal