
भीलवाड़ा। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जा रही उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 (गृह विभाग) के लिए भीलवाड़ा जिला पूरी तरह तैयार है। आगामी 05 एवं 06 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले में कुल 25 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहाँ हजारों अभ्यर्थी अपने भविष्य की किस्मत आजमाएंगे।
यह परीक्षा दो पारियों में संपन्न होगी, जिसमें प्रथम पारी प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा द्वितीय पारी दोपहर 03:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक निर्धारित की गई है। परीक्षा की शुचिता और गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर अभ्यर्थियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आयोग द्वारा जारी सख्त ड्रेस कोड के अनुसार परीक्षार्थियों को निर्धारित पहनावे में ही केंद्र पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आधी आस्तीन का शर्ट या टी-शर्ट और पेंट या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन का कुर्ता एवं सलवार या आधी आस्तीन का ब्लाउज व साड़ी पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं के लिए बालों में केवल साधारण रबर बैंड लगाने की अनुमति होगी और आभूषणों के नाम पर वे केवल पतली कांच की चूड़ियां ही पहन सकेंगी, इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के गहने पहनना पूर्णतया वर्जित है। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि किसी भी अभ्यर्थी को जूते-मौजे पहनकर प्रवेश नहीं दिया जाएगा; उन्हें केवल स्लीपर या हवाई चप्पल पहनकर ही आना होगा। इसके साथ ही मोबाइल, घड़ी, कैलकुलेटर और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
समय प्रबंधन को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है। अभ्यर्थियों को परीक्षा समय से दो घंटे पूर्व केंद्र पर पहुंचना होगा, जहाँ सघन तलाशी के बाद प्रवेश प्रारंभ किया जाएगा। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पूर्व, यानी प्रथम पारी के लिए प्रातः 10 बजे और द्वितीय पारी के लिए दोपहर 02 बजे प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश अनुमत नहीं होगा। अभ्यर्थियों को अपने साथ आयोग द्वारा अनुमत मूल फोटो युक्त पहचान पत्र, एक रंगीन फोटो और प्रवेश पत्र लाना अनिवार्य है। एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, इस बार ओएमआर शीट में पांचवें विकल्प या गोले को भरने के लिए निर्धारित समय से 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया है।
परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली या अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने कठोरतम कानूनी कवच तैयार किया है। यदि कोई भी अभ्यर्थी या व्यक्ति अनियमित एवं अविधिपूर्वक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती के अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम 2022 एवं संशोधित अधिनियम 2023 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 10 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने और 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे दोषियों को भविष्य की सभी परीक्षाओं से हमेशा के लिए विवर्जित (Debar) कर दिया जाएगा। प्रशासन की यह मुस्तैदी निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
