
बेंगलुरु/चेन्नई:
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण मौसम बुलेटिन जारी किया है। 24 मार्च 2026 यानि आज केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान आने की प्रबल संभावना है।
केरल: भारी बारिश और येलो अलर्ट
केरल के तटीय और आंतरिक जिलों में आज मानसून पूर्व (Pre-monsoon) वर्षा की तीव्रता अधिक रहने वाली है। राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि तटों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
तमिलनाडु: गरज के साथ बौछारें
तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे इलाकों और आंतरिक जिलों में आज दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है। चेन्नई और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि नीलगिरी, कोयंबटूर और कन्याकुमारी जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं। तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिलेगी।
कर्नाटक: बेंगलुरु सहित कई हिस्सों में आंधी-तूफान
कर्नाटक के तटीय जिलों और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक (South Interior Karnataka) में भी बारिश की सक्रियता बढ़ेगी। बेंगलुरु शहर और ग्रामीण इलाकों में शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
बारिश का मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बारिश का मुख्य कारण दक्षिण प्रायद्वीप (South Peninsula) के ऊपर बना एक 'लो प्रेशर ट्रफ' और अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाएं हैं। ये हवाएं जब ऊंचे तापमान वाले क्षेत्रों से टकराती हैं, तो गरजने वाले बादल (Cumulonimbus clouds) बनाती हैं, जिससे अचानक और तेज बारिश होती है।
आम जनजीवन पर प्रभाव और सुरक्षा निर्देश
आज होने वाली इस संभावित बारिश से बिजली आपूर्ति और यातायात बाधित हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं:
- बिजली से बचाव: गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के उपकरणों का उपयोग कम से कम करें।
- यातायात सावधानी: जलजमाव और कम दृश्यता (low visibility) के कारण वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
- कृषि सुरक्षा: किसान भाई अपनी फसलों और पशुओं को खुले आसमान से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं।
- आपातकालीन संपर्क: किसी भी अप्रिय स्थिति में स्थानीय आपदा प्रबंधन केंद्र से संपर्क करें।
जहां एक ओर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में आज होने वाली यह बारिश तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होगी। हालांकि, अचानक आने वाले तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
