
तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार का दिन एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक बदलाव का गवाह बना, जब तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के वरिष्ठ विधायक जे.सी.डी. प्रभाकर को 17वीं तमिलनाडु विधानसभा का स्पीकर निर्विरोध चुन लिया गया।
चेन्नई में नवगठित विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल राजनीतिक गरिमा और औपचारिक परंपराओं से भर उठा। जैसे ही प्रोटेम स्पीकर एम.वी. करुप्पैयाह ने प्रभाकर के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की, सदन में मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया गया।
थाउज़ंड लाइट्स विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए 73 वर्षीय जे.सी.डी. प्रभाकर का नाम मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्पीकर पद के लिए प्रस्तावित किया था। इस पद के लिए केवल एक ही नामांकन दाखिल होने के कारण उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर प्रोटेम स्पीकर एम.वी. करुप्पैयाह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि स्पीकर पद के लिए प्रभाकर का नामांकन ही एकमात्र वैध नामांकन प्राप्त हुआ था, इसलिए उन्हें निर्विरोध चुना जाता है।
सोमवार को प्रभाकर ने विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले प्रभाकर को सत्तारूढ़ गठबंधन के सबसे वरिष्ठ विधायकों में गिना जाता है। उन्होंने हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के उम्मीदवार एझिलन नागनाथन को हराकर प्रतिष्ठित थाउज़ंड लाइट्स सीट अपने नाम की थी।
विधानसभा की संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने प्रभाकर को स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचाया। AIADMK के वरिष्ठ नेता सेंगोट्टैयन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने उन्हें बधाई दी और सदन के बीचोंबीच स्थित स्पीकर की कुर्सी तक लेकर गए, जहां दोनों ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य बैठे हुए थे। स्पीकर की कुर्सी संभालते ही प्रभाकर ने सदन की कार्यवाही का संचालन भी शुरू कर दिया।
इसी दौरान TVK विधायक एम. रविशंकर को भी बिना किसी विरोध के विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया। यह घटनाक्रम TVK के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने पहली बार सत्ता में आने के बाद विधानसभा के प्रमुख संवैधानिक पदों पर अपनी मजबूत पकड़ स्थापित की है। जे.सी.डी. प्रभाकर का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) से जुड़े रहे और कई वर्षों तक पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वर्ष 2025 में उन्होंने TVK का दामन थामा था। विजय के चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर अहम जिम्मेदारियां निभाईं और पार्टी के घोषणापत्र को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
तमिलनाडु विधानसभा के इतिहास में यह नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में सदन के भीतर राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहे हैं। पिछली DMK सरकार में वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन सदन के नेता थे, जबकि 2018 से 2021 के बीच AIADMK शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम इस पद पर रहे थे। ऐसे में प्रभाकर का स्पीकर बनना राज्य की नई राजनीतिक दिशा और सत्ता संतुलन का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
