Dailyhunt

चित्तौड़गढ़: चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

Prathakal 2 weeks ago

चित्तौड़गढ़। डूंगला पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले कुम्हार खेड़ा गांव में चारागाह भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मवेशियों के समक्ष उत्पन्न हुए भुखमरी के संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

संगेसरा ग्राम पंचायत के अधीन आने वाले इस गांव के पुष्कर मेहता, कन्हैयालाल, जसवंत मेनारिया, भरत मेनारिया और मोतीलाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मवेशियों के चरने के लिए 150 बीघा भूमि आरक्षित है, जिस पर पिछले कुछ समय से भू-माफियाओं द्वारा निरंतर अतिक्रमण किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दबंगों ने चारागाह भूमि पर गहरी खाइयां खोदकर बाड़े बना लिए हैं और कई स्थानों पर तो पक्के निर्माण भी खड़े कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि अवैध कब्जे और निर्माण के पश्चात इस सरकारी भूमि को अवैध तरीके से बेचने का खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है। जब भी ग्रामीण इस अवैध गतिविधि का विरोध करते हैं, तो अतिक्रमणकारी मरने-मारने पर उतारू हो जाते हैं और डराते-धमकाते हैं। पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में कई बार शिकायतें भेजी गईं, परंतु धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। नतीजतन, आरक्षित भूमि सिमटती जा रही है और मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को मुक्त नहीं कराया गया, तो उनका आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal