
चित्तौड़गढ़। धर्मनगरी चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध खरड़ेश्वर महादेव मंदिर में वैशाख कृष्ण प्रतिपदा एकम के पावन अवसर पर शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात शिवलिंग पर जलहरी अर्पित की गई, जो आगामी आषाढ़ माह तक महादेव का निरंतर अभिषेक करेगी।
इस धार्मिक अनुष्ठान को पंडित सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और पंडित शंभू लाल तिवारी के सानिध्य में संपन्न किया गया, जहां शुभ मुहूर्त के भीतर गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार और महादेव के विशेष रुद्राभिषेक ने वातावरण को शिवमय कर दिया।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, वैशाख की भीषण गर्मी से महादेव को शीतलता प्रदान करने हेतु जलहरी या जलधारी स्थापित करने का विशेष महत्व है। पंडित त्रिपाठी ने जलहरी की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें अर्पित जल से शिवलिंग का अनवरत अभिषेक होता है, जिससे जल में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। यह जल न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि भौतिक सुखों की प्राप्ति में भी सहायक है। मान्यता है कि जलहरी के माध्यम से महादेव का पूजन करने से भक्त को असाध्य रोगों और दोषों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, जलहरी से निकलने वाले पवित्र जल को घर में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश होता है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है।
इस गरिमामयी आयोजन के दौरान खरड़ेश्वर महादेव सेवा पूजा संस्थान के अध्यक्ष किशनलाल सोनी सहित चंद्रेश तंवर, देवराज साहू, हीरा लाल वैष्णव, बाबू लाल पुरोहित और अशोक राठौर सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। समारोह में पुजारी ललित चौबीसा, मोहित मीणा, शुभम पालीवाल, मयंक गुर्जर, ओम मालीवाल, अशोक जोशी, सुमित हेड़ा, राजू भंडारी और निर्मल भंडारी सहित बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने सहभागिता की। यह जलहरी अब आषाढ़ मास के समापन तक महादेव को शीतल जल की धाराओं से अभिषिक्त करती रहेगी, जो चित्तौड़गढ़ की अटूट आस्था और सनातनी परंपराओं के जीवंत स्वरूप को प्रदर्शित करती है।
