
ऐतिहासिक डीग किले के मुख्य द्वार को आमजन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खोलने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को जिला बार एसोसिएशन डीग के अध्यक्ष सुबोध पाराशर के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने इस गंभीर विषय को लेकर डीग जिला कलेक्टर को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा।
इस मांग के पीछे स्थानीय नागरिकों की गहरी धार्मिक आस्था और बृज चौरासी कोस परिक्रमा देने आ रहे हजारों परिक्रमार्थियों की सहूलियत मुख्य कारण है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, इस ऐतिहासिक किले का मुख्य दरवाजा सुबह 10 बजे खुलता है और शाम 5 बजे बंद हो जाता है। इस सीमित समयावधि के कारण किले के भीतर स्थापित प्राचीन चामड़ माता मंदिर और शिव परिवार मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना करने वाले स्थानीय श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अधिक मास चलने के कारण बृज चौरासी कोस की पावन परिक्रमा जारी है, जिसके तहत देश के कोने-कोने से श्रद्धालु डीग पहुंच रहे हैं। दूर-दूर से आने वाले ये परिक्रमार्थी रात्रि विश्राम, ठहराव और दर्शन के उद्देश्य से किले पर पहुंचते हैं, लेकिन सुबह 10 बजे तक मुख्य द्वार बंद रहने के कारण उन्हें बिना दर्शन किए ही निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। आस्था को ठेस पहुंचाने वाली इसी विकट समस्या के स्थायी समाधान हेतु बार एसोसिएशन ने प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर अध्यक्ष सुबोध पाराशर के साथ डॉ० महेन्द्र सिंह एडवोकेट, रमाकान्त शर्मा, महेन्द्र चौधरी और हरिकृष्ण शर्मा सहित कई गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
