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गैर मुमकिन नाला पर अवैध कब्जे से ढाणी मीणा में जलभराव, कार्रवाई की मांग

Prathakal 2 weeks ago

जिले में मानवीय सुरक्षा को दरकिनार कर भू-माफिया द्वारा प्राकृतिक जल निकायों पर कब्जे का गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ढाणी मीणा और बागवाली ढाणी के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि राजस्व रिकॉर्ड में 'गैर मुमकिन नाला' दर्ज खसरा नंबर 2491/5655 तथा UIT की खसरा संख्या 2493 और 2494 पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया है।

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए जलभराव के फोटो इस खतरे की भयावहता को उजागर करते हैं। दिनांक 01/04/2026 को मुई डेम का पानी आने से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। अवैध बाउंड्रीवाल के कारण नाले का प्राकृतिक बहाव रुक गया, जिससे दोनों ढाणियों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। पीड़ित गीता देवी के अनुसार, "घर में रखा अनाज-चारा सब बह गया, बच्चे छत पर सोए।" यह स्थिति सीधे तौर पर सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा पर खतरा बन गई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के बाद अब भू-माफिया उक्त नाले की भूमि का 90A/90B के तहत भू-रूपांतरण कराकर पर्यटन इकाई, होटल या रिसोर्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि जल निकायों पर अतिक्रमण को "पर्यावरणीय आतंकवाद" माना गया है और ऐसे अतिक्रमण तत्काल हटाए जाने चाहिए। राजस्थान कानून के अनुसार 'गैर मुमकिन नाला' अहस्तांतरणीय श्रेणी में आता है, जिससे इस पर किसी भी प्रकार का रूपांतरण अवैध है।

मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए UIT सचिव ने कहा कि यदि संबंधित भूमि नाला है, तो रूपांतरण की प्रक्रिया का कोई औचित्य नहीं बनता और अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि 90A/90B की कार्यवाही पर तुरंत रोक लगाई जाए, 24 घंटे के भीतर JCB से अवैध निर्माण हटाया जाए, तीनों आरोपियों तथा संलिप्त पटवारी और UIT अभियंता के खिलाफ FIR दर्ज हो, और नाले की पैमाइश कर स्थायी सीमांकन के लिए पक्के पत्थर लगाए जाएं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर नाले को मुक्त नहीं कराया गया, तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर कर कलेक्टर, SDM, तहसीलदार और UIT सचिव को पक्षकार बनाएंगे। साथ ही अगली बारिश में किसी भी प्रकार की जनहानि होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई है। यह मामला न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा और मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है।

फोटो कैप्शन: दिनांक 01/04/2026 को अवैध बाउंड्रीवाल के कारण ढाणी मीणा क्षेत्र में भरा पानी। प्राकृतिक नाला बंद होने से सैकड़ों परिवार खतरे में।

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