Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story

गलती से बांग्लादेश भेजे गए भारतीय की दर्दभरी वापसी, 13 महीने बाद परिवार से मिलकर भर आईं आंखें|

Prathakal 1 week ago

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रहने वाले दानिश शेख और उनके गांव के तीन अन्य लोग 13 महीने के संघर्ष के बाद अंततः अपने वतन भारत लौट आए हैं। यह घटना जून 2025 की है, जब दिल्ली पुलिस ने इन लोगों को कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी मानकर बिना किसी ट्रिब्यूनल की सुनवाई के देश से बाहर भेज दिया था।

इस पूरी प्रक्रिया में उनके भारतीय पहचान पत्रों को भी अनदेखा कर दिया गया था। भारत से निर्वासित किए जाने के बाद इन लोगों को बांग्लादेश में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और वहां की जेल में करीब 100 दिन बिताने पड़े। हालांकि स्थानीय अदालत ने उन्हें बाद में बरी कर दिया था, लेकिन वापसी की जटिल प्रक्रियाओं के कारण वे महीनों तक वहां फंसे रहे।

उनकी घर वापसी सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी। न्यायालय ने केंद्र सरकार को एक निश्चित समय सीमा के भीतर इन नागरिकों को वापस लाने का निर्देश दिया था। दानिश शेख की पत्नी सुनाली खातून, जो अपने बड़े बेटे के साथ दिसंबर में ही भारत लौट आई थीं, ने इस लंबी प्रतीक्षा के बाद अपने पति का स्वागत किया। इस दौरान दानिश का परिवार उनके बिना कई कठिनाइयों से गुजरा, जिसमें उनका तीसरे बच्चे का जन्म भी शामिल है। दानिश के साथ स्वीटी बीबी और उनके दो बेटे, 16 वर्षीय कुर्बान और 6 वर्षीय इमाम भी मालदा जिले की महादीपुर सीमा चौकी के रास्ते भारत वापस आए हैं।

अपने घर पाइकर पहुंचने के बाद दानिश शेख ने साझा किया कि इतने लंबे समय तक अनिश्चितता के माहौल में रहने के कारण वे बेहद भयभीत थे और उन्हें लगा था कि शायद उनका जीवन अब बांग्लादेश में ही बीतेगा। भारत लौटने की खुशी उनके लिए तब दोगुनी हो गई जब उन्होंने पहली बार अपने सात महीने के बेटे को अपनी गोद में लिया। परिवार के लिए यह मिलन भावुक करने वाला था, जहां सुनाली ने घर पर पारंपरिक पकवान तैयार किए थे। अब इन लोगों ने स्पष्ट किया है कि वे रोजी-रोटी की तलाश में फिर कभी दिल्ली जैसे शहरों का रुख नहीं करेंगे और पश्चिम बंगाल में ही रहकर अपना जीवन यापन करेंगे। यह पूरा मामला बिना उचित न्यायिक प्रक्रिया के किसी को निर्वासित करने के परिणामों और कानूनी हस्तक्षेप की महत्ता को रेखांकित करता है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal