
हिंडौन सिटी क्षेत्र के महमदपुर-तिघरिया स्थित गंभीर नदी में रविवार शाम एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर नरेश गुर्जर (35) के रूप में की गई है। महू चौकी पुलिस ने सोमवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
रविवार को मिला था शव
महू चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को गंभीर नदी में एक युवक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला। "शव 3-4 दिन पुराना होने के कारण चेहरा खराब हो गया था, जिससे तत्काल पहचान संभव नहीं हो पाई।" जिसके बाद शव को मॉर्च्यूरी में रखवाया गया था। तिघरिया निवासी नरेश गुर्जर के लापता होने की जानकारी पर परिजन शिनाख्त के लिए अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने शव की पहचान उसकी एक उंगली में पहने छल्ले और होंठ पर पुराने चोट के निशान से की।
2 अप्रैल को ड्यूटी के लिए निकले थे नरेश
पुलिस के अनुसार, मृतक के बड़े भाई वकील सिंह गुर्जर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नरेश जिला अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। वह 2 अप्रैल को दोपहर में इवनिंग ड्यूटी के लिए घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पुलिस ने इस संबंध में मृग (गुमशुदगी) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, नर्सिंग ऑफिसर नरेश गुर्जर ने 2 अप्रैल को इवनिंग ड्यूटी की थी और रात 8 बजे उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर घर के लिए निकले थे। "3 अप्रैल से उनकी नाइट ड्यूटी थी, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।" उनका शव 5 अप्रैल की शाम को नदी में मिला।
2020 में शुरू की थी सेवा
परिजनों के अनुसार, नरेश ने वर्ष 2020 में जिला अस्पताल में ड्यूटी जॉइन की थी। उनके परिवार में 13 वर्षीय पुत्र राहुल और एक 6 वर्षीय पुत्री है, जो अब पिता के साये से महरूम हो गए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
