
जयपुर। गुलाबी नगरी के सुशीलपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति और उससे उपजे स्वास्थ्य संकट ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जिला कलक्टर श्री संदेश नायक ने शुक्रवार को कड़ा रुख अख्तियार किया।
उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में आमजन को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलक्टर ने सुशीलपुरा मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि दूषित जल की समस्या का तत्काल समाधान कर स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बहाल की जाए।
विभागीय टीम को पूरे क्षेत्र का सघन निरीक्षण करने के आदेश देते हुए श्री नायक ने कहा कि जल आपूर्ति तंत्र में जहाँ कहीं भी रिसाव अथवा दूषित जल के प्रवेश की रत्ती भर भी संभावना नजर आए, उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए ताकि दूषित पानी की आपूर्ति पर पूर्णतः अंकुश लग सके। पेयजल की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, इसके लिए उन्होंने नियमित सैम्पलिंग और बैक्टीरियोलॉजिकल मापदंडों के अनुरूप सतत जांच के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि आपूर्ति के दौरान रासायनिक विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों की पैनी नजर रहनी चाहिए। आमजन की सुविधा के लिए क्षेत्र में आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर लगाने के निर्देश भी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को दिए गए हैं।
सुशीलपुरा में उल्टी-दस्त के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को युद्धस्तर पर कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में घर-घर सर्वे कर मरीजों को मौके पर ही उपचार मुहैया कराने, अतिरिक्त टीमों का गठन करने और जन-जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को चिकित्सा संस्थानों में मरीजों के लिए विशेष उपचार व्यवस्था करने और जल स्रोतों के नमूने परीक्षण हेतु भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने आमजन से भी स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है ताकि इस स्वास्थ्य संकट पर समय रहते पूरी तरह काबू पाया जा सके।
