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जेठ की तपती दुपहरी में सावन जैसा अहसास, झुलसती दिल्ली को मिली कुदरत की संजीवनी|

Prathakal 6 days ago

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों (NCR) में जून महीने की शुरुआत अमूमन भीषण गर्मी, लू और आसमान से बरसती आग के साथ होती रही है। लेकिन इस बार प्रकृति ने दिल्लीवालों को एक अप्रत्याशित और सुखद सरप्राइज दिया है।

भीषण और झुलसाने वाली गर्मी की मार झेल रहे उत्तर भारत को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने बड़ी राहत दी है। सोमवार को दिल्ली-एनसीआर की सुबह तेज धूप के बजाय ठंडी हवाओं और घने बादलों की आवाजाही के साथ हुई, जिसने तपती धरती को शांत करने का काम किया है। मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए बाकायदा एक 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है, जो आने वाले समय में मौसम के और अधिक करवट लेने का स्पष्ट संकेत है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह एक बेहद शक्तिशाली और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इस भौगोलिक घटनाक्रम के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में धूल भरी आंधी चलने, बादलों की तेज गर्जना होने और बिजली चमकने के साथ ही हल्की बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। आमतौर पर मई और जून के महीनों में दिल्ली का पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, लेकिन इस मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से सोमवार को अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि आज दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम होकर करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट सकता है, जो इस सीजन के लिहाज से बेहद असाधारण और राहतकारी है।

इस प्राकृतिक बदलाव के प्रशासनिक और सुरक्षात्मक पहलुओं पर नजर डालें तो मौसम विभाग द्वारा जारी 'येलो अलर्ट' एक सतर्कता संदेश है। विभाग ने आधिकारिक तौर पर गाइडलाइन जारी करते हुए आम जनता को आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषकर वाहन चालकों को धूल भरी आंधी के दौरान दृश्यता (Visibility) कम होने की स्थिति में बेहद सावधानी से गाड़ी चलाने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही खुले में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। नगर निगमों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पेड़ गिरने या जलजमाव जैसी संभावित समस्याओं से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इस मौसमी घटनाक्रम का महत्व सिर्फ तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय जलवायु पैटर्न को भी रेखांकित करता है। जून के पहले ही दिन इस तरह का ठंडा और खुशनुमा मौसम दिल्ली के पर्यावरण और वायु गुणवत्ता के लिए भी एक वरदान साबित हो रहा है। धूल भरी तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी से हवा में मौजूद प्रदूषण के कण बैठ जाएंगे, जिससे दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मौका मिलेगा। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है, लेकिन इसने निश्चित रूप से चिलचिलाती गर्मी से बेहाल हो चुके करोड़ों नागरिकों को एक बड़ी और बेहद जरूरी मानसिक व शारीरिक राहत प्रदान की है। आने वाले दिनों में यह विक्षोभ कितना प्रभावी रहता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal