
मोंठ, झांसी: मोंठ कस्बा स्थित गल्ला मंडी में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब 11 दिनों से लापता 13 वर्षीय किशोर का सड़ा-गला शव गेहूं की बोरियों के ढेर में दबा हुआ पाया गया। शव मिलने की सूचना से समूचे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झांसी भेज दिया। मृतक के परिजनों ने किशोर की निर्मम हत्या कर शव को छिपाने का गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोंठ कस्बे के मदारगंज मोहल्ला निवासी दिनेश वर्मा का 13 वर्षीय पुत्र प्रेम वर्मा, जिसे लोग डब्बू के नाम से जानते थे, 17 मई की दोपहर करीब 3 बजे घर से गल्ला मंडी जाने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन, 18 मई को परिजनों ने मोंठ थाने में बच्चे के लापता होने की तहरीर दी, हालांकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तत्पश्चात, 20 मई को परिजनों ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोंठ अजय श्रोत्रीय से गुहार लगाई, जिसके बाद उनके हस्तक्षेप से पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और परिजन लगातार किशोर की तलाश में जुटे रहे, परंतु सफलता नहीं मिली। गुरुवार शाम गल्ला व्यापारी अजय मोहन उर्फ गुड्डू पनारी वाले ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी दुकान के पास रखी गेहूं की बोरियों से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बोरियों की तलाशी ली गई। इस दौरान गेहूं की बोरियों के बीच दबा बच्चे का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी, जिसकी पहचान लापता किशोर प्रेम वर्मा के रूप में हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ अजय श्रोत्रीय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए। शव मिलने की सूचना पर गल्ला मंडी और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए नियंत्रित किया। मृतक के पिता दिनेश वर्मा ने बताया कि वह अपने बेटे की तलाश में चिरगांव गए हुए थे, तभी उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली। वहीं, मृतक की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को गेहूं की बोरियों में दबाया गया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा गल्ला मंडी जाने की बात कहकर निकला था और इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी थी, लेकिन उचित तत्परता से तलाश नहीं की गई।
सीओ अजय श्रोत्रीय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही इस जघन्य मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
