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जीपीएस निरीक्षण में बड़ा खुलासा: जयपुर के 80 से अधिक मदरसा शिक्षा अनुदेशक अनुपस्थित, सख्त संदेश जारी

जीपीएस निरीक्षण में बड़ा खुलासा: जयपुर के 80 से अधिक मदरसा शिक्षा अनुदेशक अनुपस्थित, सख्त संदेश जारी

Prathakal 1 week ago

स्वीर में जयपुर के एक मदरसे की कक्षा में छात्राएं और छात्र अपनी बेंचों पर बैठे हैं, जबकि बाईं ओर खड़ी महिला अनुदेशक किताब से पढ़ा रही हैं और दाहिनी ओर दो अन्य महिलाएं उपस्थित हैं।

तस्वीर में जयपुर के एक मदरसे की कक्षा में छात्राएं और छात्र अपनी बेंचों पर बैठे हैं, जबकि बाईं ओर खड़ी महिला अनुदेशक किताब से पढ़ा रही हैं और दाहिनी ओर दो अन्य महिलाएं उपस्थित हैं।

जयपुर। कार्यालय जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जयपुर द्वारा जिले के समस्त मदरसों में विद्यार्थियों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को विशेष जीपीएस आधारित निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत सभी मदरसों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विद्यार्थियों एवं शिक्षा अनुदेशक की उपस्थिति दर्शाते हुए दिनांक, समय और जीपीएस युक्त फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के दौरान 80 से अधिक शिक्षा अनुदेशक निर्धारित समयावधि में जीपीएस युक्त फोटो उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद नियमानुसार सभी संबंधित शिक्षा अनुदेशकों को अनुपस्थित माना गया। इस कार्रवाई के साथ कार्यालय ने अनुपस्थित शिक्षा अनुदेशकों के लिए एक संवेदनशील संदेश भी जारी किया।

कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि यह केवल प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति आत्मचिंतन का अवसर है, जो प्रतिदिन अपने शिक्षक से ज्ञान, मार्गदर्शन और प्रेरणा प्राप्त करने की आशा लेकर मदरसे पहुंचते हैं। संदेश में कहा गया कि यदि शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होता तो केवल एक कक्षा ही नहीं छूटती, बल्कि अनेक बच्चों की जिज्ञासाएं, उनका आत्मविश्वास और उनके सपने भी प्रभावित होते हैं।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की नियमित उपस्थिति किसी बच्चे के ज्ञान, संस्कार और भविष्य की मजबूत नींव रखती है। सभी शिक्षा अनुदेशकों को निर्देशित किया गया कि वे इसे अपने दायित्व के प्रति आत्ममंथन का अवसर मानते हुए समयपालन, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें।

अभिषेक सिद्ध ने कहा, "बच्चे आपकी प्रतीक्षा केवल इसलिए नहीं करते कि आप उन्हें पढ़ाएँगे, बल्कि इसलिए भी कि उन्हें विश्वास होता है कि उनका शिक्षक अवश्य आएगा। उस विश्वास को कभी टूटने मत दीजिए।"

कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि मदरसों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को उसके सीखने के अधिकार के अनुरूप नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही यह भी स्पष्ट संदेश दिया गया कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal