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करौली जिला कलक्टर ने की राजस्व समीक्षा बैठक, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

Prathakal 5 days ago

जिला कलक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अमले को सख्त और त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट संकेत दिए गए हैं।

जिला कलक्टर ने जिले में लम्बित राजस्व प्रकरणों, बजट घोषणाओं तथा भूमि आवंटन से जुड़े तमाम कार्यों की बाल की खाल निकालते हुए विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को इन्हें समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के कड़े आदेश जारी किए।

प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा प्रहार करते हुए जिला कलक्टर गोदारा ने उपखण्ड अधिकारियों को सीधे तौर पर निर्देशित किया है कि वे फील्ड में लापरवाही बरतने एवं गलत रिपोर्ट भेजने वाले पटवारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न न्यायालयों द्वारा जारी आदेशों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध अनुपालना हर हाल में सुनिश्चित कराई जावे। 183(बी) से संबंधित संवेदनशील जमीनी विवादों को बेहद गम्भीरता और संवेदनशीलता के साथ निपटाने पर जोर देते हुए कलक्टर ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी अतिक्रमण हटाने या कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की लेशमात्र भी संभावना हो, वहाँ पुलिस बल का पूरा सहयोग लेकर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राजस्व महकमे से जुड़े तमाम पेचीदा मुद्दों पर मैराथन चर्चा हुई। इसमें राजस्व मुकदमात, पंजियन से अर्जित आय, भू-राजस्व एवं विभिन्न प्रकार की वसूली, रोड़ा प्रकरण, एल. आर. एक्ट, पी.डी.आर. एक्ट, नामान्तरकरण प्रकरणों तथा सीमांकन आदि के लम्बित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने पर विस्तृत रणनीति बनी। इसके साथ ही राजस्व अभिलेख, खातों का शुद्धिकरण, आपसी सहमति से खातों का विभाजन, रास्ते के विवादित प्रकरण, गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार देने, सरकारी, चारागाह एवं विभागीय भूमियों पर से अवैध अतिक्रमण हटाने, भूमिहीन किसानों को त्वरित भूमि आवंटन करने, मजरों व ढाणियों के नवीन राजस्व ग्राम घोषित करने के प्रस्तावों, सीमा ज्ञान, पत्थरगढ़ी, आबादी विस्तार, तरमीम, प्राथमिक व विभागीय जाँच, अनुसूचित जाति व जनजाति की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को मुक्त कराने, माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में प्रभावी पैरवी करने, राजकीय भूमि पर अतिचार, पी.एल.पी.सी. प्रकरण तथा गैर खातेदारी से खातेदारी के लम्बित मामलों पर एक-एक कर बिंदुवार चर्चा की गई और अब तक की कार्यप्रगति की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा कर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।

आमजन को सीधे राहत पहुँचाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला कलक्टर ने चिकित्सा तंत्र को मजबूत करने के लिए सीएचसी एवं पीएचसी के भूमि आवंटन हेतु प्राप्त प्रस्तावों का शीघ्रता से निपटारा करवाने तथा जीवनदायिनी चंबल परियोजना से संबंधित अटके कार्यों का प्रस्ताव बनाकर अविलंब उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नीलामी के लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करवाने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सिलिकोसिस पीड़ित मरीजों से जुड़े प्रकरणों को बिना किसी देरी के तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी बजट घोषणाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की जमीनी प्रगति जानते हुए उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों के लिए लंबित भूमि आवंटन के सभी प्रकरणों को जल्द से जल्द निस्तारित करने के आदेश दिए, ताकि जिले में चल रहे विकास कार्यों की गति को तेज किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने व्यवस्था को पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए निर्देशित किया कि उपखंड स्तर पर तैनात सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से और नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन करें तथा आमजन की समस्याओं व परिवेदनाओं को मौके पर ही निस्तारित कर जनता को राहत प्रदान करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल, एसीपी लेखराज जाटव तथा उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में साक्षात उपस्थित रहे, जबकि जिले के अन्य उपखण्ड अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से वर्चुअली जुड़े रहे।

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