
करौली जिले के मंडरायल उपखंड अंतर्गत रौधई मार्ग पर स्थित सुप्रसिद्ध श्रीराधारमण बिहारी मंदिर के पाटोत्सव का गुरुवार को अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। भक्तिमय वातावरण के बीच शैली वाले हनुमान मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा का मंगल कलश स्थापित किया गया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय हो गया है।
इस धार्मिक महोत्सव के आगाज से पूर्व कस्बे में गाजे-बाजे और डीजे की सुमधुर धुनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। आगामी 7 मई तक चलने वाले इस त्रिआयामी आयोजन में कथा, रासलीला, पद गायन और विशाल भंडारे जैसे विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पाटोत्सव के प्रथम दिन बाबा नारायण दास बिरखो वाले के पावन सानिध्य में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना संपन्न की गई। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा, जिसमें पूर्व मंत्री रमेश मीणा अपनी धर्मपत्नी सहित सिर पर भागवत ग्रंथ और मंगल कलश धारण कर सम्मिलित हुए। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण कथावाचक भक्त शरण महाराज (मान मंदिर बरसाना वाले) रहे, जो अश्व पर सवार होकर आयोजन स्थल तक पहुंचे। भागवत कथा के प्रथम सोपान पर महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत श्रवण की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह कथा मनुष्य के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत कर समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
आयोजन समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 1 मई से 5 मई तक वृंदावन धाम की कुंज बिहारी शर्मा मंडली द्वारा रासलीला का मनमोहक मंचन किया जाएगा। इसके पश्चात 6 मई की संध्या को बरसाना के सुप्रसिद्ध कलाकार हनुमान दास बाबा द्वारा पद गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इस भव्य पाटोत्सव का समापन 7 मई को मुख्य उत्सव के साथ होगा, जिसमें विशाल भंडारा और प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा। यह सात दिवसीय महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक एकता को भी सुदृढ़ कर रहा है।
