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कौन हैं दासुन शनाका? श्रीलंका को एशिया कप जिताने वाले धाकड़ ऑलराउंडर की कहानी

Prathakal 1 week ago

दासुन शनाका आज श्रीलंका क्रिकेट के उन चेहरों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी गेंदबाजी और बेखौफ कप्तानी से टीम को नई पहचान दी है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक मैच विनर और लीडर के तौर पर देखी जाती है।

खासकर 2022 एशिया कप में उनकी कप्तानी में श्रीलंका का खिताब जीतना उनके करियर का सबसे बड़ा मुकाम बना, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

9 सितंबर 1991 को जन्मे शनाका का सफर आसान नहीं रहा। घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। शुरुआत में उनके आंकड़े भले ही बहुत प्रभावशाली नहीं थे, लेकिन उनकी ऑलराउंड क्षमता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की काबिलियत ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। 2015 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू करते हुए उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की, और जल्द ही टेस्ट व वनडे टीम में भी जगह बना ली।

उनके करियर का एक बड़ा मोड़ 2016 में आया, जब आयरलैंड के खिलाफ अपने वनडे डेब्यू में उन्होंने 19 गेंदों पर 42 रन बनाने के साथ 42 रन देकर 5 विकेट झटके। इस प्रदर्शन ने उन्हें उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया, जिन्होंने वनडे डेब्यू में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। इसके बाद 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 34 गेंदों पर 65 रनों की तूफानी पारी और 109 रनों की साझेदारी ने उनकी मैच जिताने की क्षमता को साबित किया।

हालांकि उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आए। टीम में सीनियर ऑलराउंडर्स की मौजूदगी और अस्थिर प्रदर्शन के कारण वह कई बार टीम से अंदर-बाहर होते रहे। लेकिन 2019 में पाकिस्तान दौरे पर, जब कई सीनियर खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से नाम वापस ले लिया, तब शनाका को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई। इस मौके को उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया और अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया। यह जीत उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

इसके बाद 2021 में उन्हें स्थायी रूप से टी20 कप्तान बनाया गया और जल्द ही वनडे टीम की कमान भी सौंपी गई। उनकी कप्तानी में श्रीलंका ने भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज की। 2022 में एशिया कप के दौरान उनकी रणनीति और आक्रामक सोच ने टीम को नई ऊर्जा दी, जहां उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 45 रनों की अहम पारी खेली और फाइनल में टीम को 170 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीतकर श्रीलंका ने छठी बार एशिया कप अपने नाम किया।

शनाका की पहचान सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। 2022 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने आखिरी तीन ओवरों में 59 रन बनाकर मैच जिताया, जिसमें उन्होंने 13 गेंदों पर 48 रन ठोक दिए। वहीं 2023 में भारत के खिलाफ उन्होंने 22 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए और गेंदबाजी में दो विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई। उनके नाम वनडे में शतक और टी20 में कई अहम अर्धशतक भी दर्ज हैं, जो उन्हें एक भरोसेमंद फिनिशर बनाते हैं।

आज दासुन शनाका सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि श्रीलंका क्रिकेट के पुनर्निर्माण का प्रतीक बन चुके हैं। अपनी मेहनत, जुझारूपन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। एशिया कप जीत से लेकर वर्ल्ड कप क्वालीफायर में टीम को अपराजित रखते हुए क्वालीफाई कराने तक, शनाका की कहानी संघर्ष से स्टारडम तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक मिसाल है।

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