
अफगानिस्तान क्रिकेट से उभरते हुए सितारों में आज जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है नूर अहमद। महज किशोरावस्था में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखने वाले इस बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज़ ने अपनी कलाई के जादू और सटीक लाइन-लेंथ से दुनिया भर के बल्लेबाज़ों को परेशान किया है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए 23 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ 4 विकेट पर 18 रन का प्रदर्शन और पूरे टूर्नामेंट में 24 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज़ बनना, उनके तेजी से बढ़ते कद का प्रमाण है।
3 जनवरी 2005 को खोड़स्त प्रांत के एक साधारण गांव लाकन स्पिंकी बोरी में जन्मे नूर अहमद आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने महज 12 साल की उम्र में स्थानीय क्रिकेट अकादमी से अपने सपनों की शुरुआत की। बचपन से ही उनकी कलाई की लचक और गेंद में विविधता ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई, जो आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी।
सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने अप्रैल 2019 में काबुल रीजन के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और उसी साल अक्टूबर में मिस ऐनाक नाइट्स के लिए टी20 क्रिकेट में भी कदम रखा। उनकी प्रतिभा इतनी तेजी से निखरी कि दिसंबर 2019 में उन्हें अंडर-19 विश्व कप के लिए अफगानिस्तान टीम में जगह मिली। इसके बाद कैरेबियन प्रीमियर लीग में सेंट लूसिया जॉक्स, बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स और पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स जैसी बड़ी फ्रेंचाइज़ियों ने उन्हें अपने साथ जोड़ा, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।
आईपीएल जैसे मंच पर भी नूर अहमद ने लगातार अपनी छाप छोड़ी। 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ नेट गेंदबाज़ के रूप में जुड़ने के बाद 2022 में गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। इसके बाद 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें फिर से खरीदा, जहां उन्होंने अपने पहले ही मैच में 4 विकेट लेकर सनसनी मचा दी। इस सीजन में 24 विकेट के साथ वह टीम के सबसे सफल गेंदबाज़ और पूरे टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उनका सफर उतना ही प्रभावशाली रहा है। जून 2022 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले नूर ने नवंबर 2022 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा। 2023 के वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में अपना पहला मैच खेलते हुए वह महज 18 साल की उम्र में टूर्नामेंट के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने। इसके बाद 2024 के टी20 विश्व कप के लिए भी उन्हें अफगानिस्तान की टीम में शामिल किया गया, जो उनकी निरंतरता और भरोसे को दर्शाता है।
आज नूर अहमद सिर्फ एक उभरता हुआ खिलाड़ी नहीं, बल्कि अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव बन चुके हैं। उनकी गेंदबाज़ी में विविधता, दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता और बड़े मंच पर खुद को साबित करने की भूख ने उन्हें बहुत कम समय में वैश्विक पहचान दिलाई है। जिस रफ्तार से उनका करियर आगे बढ़ रहा है, वह आने वाले वर्षों में उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक स्पिनरों की सूची में शामिल कर सकता है।
