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कौन हैं Rovman Powell? गरीबी से उठकर टी20 दुनिया के विस्फोटक फिनिशर और कप्तान बनने की कहानी

Prathakal 1 month ago

वेस्टइंडीज क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में अगर किसी खिलाड़ी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व से अलग पहचान बनाई है, तो वह रोवमैन पॉवेल हैं। मध्यक्रम के इस धाकड़ बल्लेबाज ने न सिर्फ बड़े-बड़े शॉट्स से मैच का रुख पलटने की कला विकसित की है, बल्कि टी20 फॉर्मेट में कप्तान के रूप में भी टीम को नई दिशा दी है।

2023 में टी20 कप्तानी संभालने के बाद दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ सीरीज जीत दिलाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिर्फ बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक प्रभावी लीडर भी हैं।

लेकिन इस चमकदार सफलता के पीछे संघर्षों से भरी एक लंबी कहानी है। 23 जुलाई 1993 को जमैका के किंग्स्टन में जन्मे पॉवेल का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। पिता के बिना पले-बढ़े पॉवेल ने अपनी मां के संघर्षों को करीब से देखा और छोटी उम्र में ही जिम्मेदारियां संभाल लीं। कभी बकरियां चराने का काम करने वाले इस खिलाड़ी ने शिक्षा और खेल के सहारे अपनी जिंदगी बदलने का रास्ता चुना। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज से खेल छात्रवृत्ति मिलना उनके करियर का पहला बड़ा मोड़ साबित हुआ।

घरेलू क्रिकेट में 2015 में लिस्ट-ए डेब्यू के साथ ही पॉवेल ने अपने ऑलराउंड खेल का दम दिखा दिया, जहां उन्होंने पहले ही मैच में 3 विकेट लेकर 31 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। 2016-17 के सुपर50 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में 45 गेंदों पर 95 रनों की विस्फोटक पारी के साथ 5 विकेट लेकर उन्होंने सुर्खियां बटोरीं। यही प्रदर्शन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दरवाजे तक ले गया। 2016 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू और 2017 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपनी आक्रामक शैली से पहचान बनाई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में उन्हें समय जरूर लगा, लेकिन 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ 53 गेंदों पर 107 रनों की उनकी पहली टी20 शतकीय पारी ने उन्हें वैश्विक मंच पर स्थापित कर दिया। इससे पहले आईसीसी ने 2018 विश्व कप क्वालीफायर से पहले उन्हें "प्लेयर टू वॉच" में शामिल किया था और बाद में वेस्टइंडीज टीम का उभरता सितारा भी घोषित किया। 2018 में बांग्लादेश दौरे पर उन्हें पहली बार वनडे कप्तानी सौंपी गई, जो उनके नेतृत्व कौशल की शुरुआती पहचान थी।

फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी पॉवेल ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। 2017 में आईपीएल में कोलकाता टीम से जुड़ने के बाद, 2022 में दिल्ली और 2024 में राजस्थान रॉयल्स ने उन पर भरोसा जताया, जहां 7.4 करोड़ की बोली ने उनकी बाजार में बढ़ती कीमत को दर्शाया। कैरेबियन प्रीमियर लीग में जमैका तलावाह्स को 2022 में खिताब जिताने और 2025 में दुबई कैपिटल्स के साथ ILT20 ट्रॉफी जीतने में उनकी अहम भूमिका रही। 2026 टी20 विश्व कप में 7 मैचों में 149 रन बनाने के साथ वह वेस्टइंडीज के टी20 इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर पहुंचे और कुल रन स्कोररों में दूसरे स्थान पर पहुंचे।

आज रोवमैन पॉवेल सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुके हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और दृढ़ निश्चय के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal