
जब भी बड़े पर्दे पर शाही महल, भारी-भरकम सेट, दिल तोड़ देने वाला प्यार और रूह में उतर जाने वाला म्यूजिक दिखाई देता है, तो सबसे पहले नाम आता है Sanjay Leela Bhansali का। इन दिनों उनकी सीरीज Heeramandi और आने वाली फिल्म Love & War को लेकर जबरदस्त चर्चा है।
भंसाली सिर्फ फिल्में नहीं बनाते, वो हर फ्रेम को एक पेंटिंग की तरह सजाते हैं। यही वजह है कि उनका नाम आज हिंदी सिनेमा में एक ऐसे फिल्ममेकर के तौर पर लिया जाता है, जिसने रोमांस, दर्द और संगीत को नई पहचान दी।
मुंबई के भूलेश्वर में एक गुजराती-जैन परिवार में जन्मे भंसाली की जिंदगी आसान नहीं थी। उनके पिता फिल्म प्रोड्यूसर थे, लेकिन आर्थिक तंगी और शराब की लत ने परिवार को मुश्किलों में डाल दिया। उनकी मां लीला घर चलाने के लिए कपड़े सिलती थीं। शायद यही दर्द बाद में उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने अपने नाम में मां का नाम जोड़कर खुद को "संजय लीला भंसाली" बनाया। बचपन के संघर्ष और पिता की यादें बाद में Devdas और Hum Dil De Chuke Sanam जैसी फिल्मों की भावनाओं में साफ दिखाई दीं।
फिल्मी दुनिया में उनका सफर असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन असली पहचान मिली Khamoshi: The Musical से। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं बनी, मगर आलोचकों ने इसे मास्टरपीस कहा। इसके बाद Hum Dil De Chuke Sanam ने उन्हें स्टार डायरेक्टर बना दिया। ऐश्वर्या राय, सलमान खान और अजय देवगन की इस फिल्म ने प्यार को जिस खूबसूरती से दिखाया, उसने पूरे देश को दीवाना बना दिया। फिर आई Devdas, जिसने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित की इस फिल्म ने अवॉर्ड्स की बारिश कर दी और कान्स से लेकर बाफ्टा तक हर जगह चर्चा बटोरी।
भंसाली की खासियत सिर्फ भव्य सेट नहीं, बल्कि उनकी भावनात्मक कहानी कहने की कला भी है। Black में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की कहानी ने दर्शकों को झकझोर दिया। हालांकि Saawariya और Guzaarish जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन भंसाली ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद म्यूजिक कंपोज करना शुरू किया और अपने विजुअल स्टाइल को और मजबूत बनाया। यही वजह रही कि Goliyon Ki Raasleela Ram-Leela, Bajirao Mastani और Padmaavat जैसी फिल्मों ने इतिहास रच दिया। इन फिल्मों में प्यार, युद्ध, राजनीति और जुनून को जिस स्तर पर दिखाया गया, वो हिंदी सिनेमा में बहुत कम देखने को मिलता है।
भंसाली की फिल्मों के साथ विवाद भी हमेशा जुड़े रहे। Padmaavat के दौरान उन पर हमला हुआ, सेट जलाए गए और रिलीज रोकने की कोशिशें हुईं, लेकिन फिल्म ने रिकॉर्ड कमाई की। यही बात साबित करती है कि भंसाली का सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ा सांस्कृतिक इवेंट बन चुका है। Gangubai Kathiawadi में आलिया भट्ट को जिस अंदाज में पेश किया गया, उसने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को हैरान कर दिया। इस फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड और फिल्मफेयर में शानदार जीत हासिल की। अब Heeramandi के जरिए उन्होंने ओटीटी की दुनिया में भी अपनी अलग बादशाहत कायम कर ली है।
आज संजय लीला भंसाली सिर्फ एक डायरेक्टर नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुके हैं। सात नेशनल अवॉर्ड, तेरह फिल्मफेयर अवॉर्ड और भारत सरकार का पद्मश्री सम्मान इस बात का सबूत हैं कि उनका सिनेमा सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। उनकी फिल्मों का हर गाना, हर डायलॉग और हर फ्रेम लोगों के दिलों में बस जाता है। यही वजह है कि जब भी भंसाली का नया प्रोजेक्ट अनाउंस होता है, पूरा बॉलीवुड उसकी चर्चा में डूब जाता है।
