Dailyhunt

कोटा: श्री बड़े मथुराधीश मंदिर में नृसिंह जयंती पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान

Prathakal 2 weeks ago

शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर, पाटनपोल में गुरुवार को भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव (नृसिंह जयंती) अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया, जहां नृसिंह भगवान के जन्म के विशेष दर्शन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव में सराबोर कर दिया।

पुष्टिमार्गीय परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी की दिव्य झांकी के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दिनभर चले विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर प्रभु के जयकारों से गुंजायमान रहा। उत्सव का शुभारंभ प्रातःकाल मंगला दर्शन से हुआ, जिसके पश्चात प्रभु को चंदन, आंवला और फुलेल (सुगंधित तेल) से अभ्यंग स्नान कराया गया।

जेठ मास की तपिश को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने प्रभु की सुख-सुविधा का विशेष ध्यान रखा। संध्या आरती के पश्चात मंदिर के चौक में शीतल जल का छिड़काव किया गया, जिससे वातावरण में शीतलता व्याप्त हो गई। राजभोग से लेकर संध्या आरती तक जल का विशेष थाल रखा गया, जिसमें प्रभु ने प्रतीकात्मक रूप से जलविहार किया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान नृसिंह का अवतार सूर्यास्त के पश्चात और रात्रि के आगमन से पूर्व संध्या काल में हुआ था। इसी परंपरा के अनुसार संध्या आरती के उपरांत नृसिंह भगवान के जन्म के विशेष दर्शन कराए गए। इस पावन अवसर पर ठाकुर जी के सम्मुख शालिग्राम जी का पंचामृत से स्नान कराया गया। नृसिंह भगवान के उग्र स्वरूप के क्रोध का शमन करने और उन्हें शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से शयन भोग में शीतल सामग्रियों का भोग अर्पित किया गया।

आस्था, परंपरा और धार्मिक अनुशासन का यह संगम न केवल श्रद्धालुओं के लिए दिव्य अनुभूति का माध्यम बना, बल्कि नृसिंह प्राकट्य उत्सव की आध्यात्मिक महत्ता को भी सशक्त रूप से प्रतिपादित कर गया।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal