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क्या है Slice Small Finance Bank? फिनटेक और पारंपरिक बैंकिंग के संगम की नई पहचान

Prathakal 1 week ago

भारत के तेजी से बदलते बैंकिंग परिदृश्य में Slice Small Finance Bank ने खुद को एक ऐसे संस्थान के रूप में स्थापित किया है, जो डिजिटल नवाचार और पारंपरिक बैंकिंग के भरोसे को एक साथ लेकर चलता है।

यह बैंक आज उन चुनिंदा वित्तीय संस्थानों में गिना जाता है, जिसने युवा ग्राहकों की बदलती जरूरतों और ग्रामीण भारत की वित्तीय समावेशन की चुनौती, दोनों को समान प्राथमिकता दी है। अपने आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक बैंकिंग सेवाओं के जरिए इसने अल्प समय में ही विश्वसनीयता और पहचान का एक मजबूत आधार तैयार किया है।

इस बैंक की कहानी दरअसल दो अलग-अलग धाराओं के संगम से शुरू होती है। एक ओर जनवरी 2016 में SlicePay के रूप में शुरू हुई फिनटेक कंपनी Slice थी, जिसने छात्रों और युवा पेशेवरों को 'बाय नाउ, पे लेटर' और क्रेडिट लाइन जैसी सुविधाएं देकर तेजी से लोकप्रियता हासिल की। 2019 में भारतीय रिजर्व बैंक से एनबीएफसी लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी ने अपने विस्तार को नई गति दी और उसी वर्ष वीज़ा व SBM बैंक इंडिया के साथ साझेदारी में प्रीपेड कार्ड लॉन्च कर डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। नवंबर 2021 में करीब 220 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ यूनिकॉर्न बनने के बाद Slice ने खुद को एक क्रेडिट कार्ड चैलेंजर के रूप में स्थापित किया, हालांकि 2022 में आरबीआई के नए नियमों के चलते प्रीपेड कार्ड सेवाओं को बंद करना पड़ा।

दूसरी ओर, जुलाई 2016 में स्थापित North East Small Finance Bank, जिसे 2015 में आरबीआई से स्मॉल फाइनेंस बैंक स्थापित करने की मंजूरी मिली थी, पूर्वोत्तर भारत में वित्तीय समावेशन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा। गुवाहाटी मुख्यालय से संचालित यह बैंक 17 अक्टूबर 2017 से अपने परिचालन की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण बैंकिंग और माइक्रोफाइनेंस पर केंद्रित रहा। 226 से अधिक शाखाओं और नौ राज्यों में बढ़ती उपस्थिति के साथ इसने 7.4 लाख से अधिक ग्राहकों को बचत खाते, ऋण, सावधि जमा और डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाएं प्रदान कर भरोसे का मजबूत नेटवर्क तैयार किया।

इन दोनों संस्थाओं का संगम अक्टूबर 2023 में घोषित हुआ, जब Slice और North East Small Finance Bank के विलय की योजना सामने आई। यह भारत में पहली बार था जब किसी फिनटेक कंपनी ने एक बैंक के साथ विलय का रास्ता अपनाया। व्यापक नियामकीय समीक्षा के बाद यह विलय अक्टूबर 2024 में पूरा हुआ और मई 2025 में नई इकाई को Slice Small Finance Bank के नाम से पुनःब्रांड किया गया। इस ऐतिहासिक कदम ने डिजिटल नवाचार और पारंपरिक बैंकिंग संरचना को एकीकृत कर एक नए युग की शुरुआत की।

आज Slice Small Finance Bank अपने ग्राहकों को बचत और चालू खाते, फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट, छोटे व्यापारियों के लिए ऋण, होम इम्प्रूवमेंट फाइनेंस और माइक्रोफाइनेंस जैसी विविध सेवाएं प्रदान करता है। साथ ही, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग सुविधाओं के माध्यम से यह डिजिटल ट्रांजैक्शन को सरल और सुलभ बनाता है। SIDBI वेंचर कैपिटल, RNT एसोसिएट्स जैसे निवेशकों के समर्थन ने इसकी वित्तीय मजबूती को और बढ़ाया है।

इस प्रकार Slice Small Finance Bank की पहचान केवल एक बैंक के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे नवाचार-आधारित वित्तीय प्लेटफॉर्म के रूप में उभरी है, जिसने तकनीक और विश्वास के संतुलन के जरिए अपनी विश्वसनीयता स्थापित की है। फिनटेक की गति और बैंकिंग की स्थिरता का यह संगम भविष्य के बैंकिंग मॉडल की दिशा भी तय करता नजर आता है।

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