Dailyhunt

क्या है UCO Bank? भरोसे, विरासत और वैश्विक जुड़ाव की मजबूत पहचान

Prathakal 1 week ago

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में मध्यम आकार के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाला यूको बैंक आज विश्वसनीयता और स्थिरता का पर्याय बन चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में ₹5.13 लाख करोड़ के कुल कारोबार और ₹2,444.99 करोड़ के शुद्ध लाभ के साथ बैंक ने अपनी वित्तीय मजबूती को साबित किया है, जबकि 2025 में ₹41,305 करोड़ के बाजार पूंजीकरण के साथ यह निवेशकों के भरोसे को भी दर्शाता है।

देशभर में 3,300 से अधिक घरेलू शाखाओं, 2,600 से ज्यादा एटीएम और 4,000 से अधिक सेवा इकाइयों के नेटवर्क के जरिए यह बैंक करोड़ों ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

कोलकाता स्थित मुख्यालय के साथ यूको बैंक पूर्वी भारत का एकमात्र भारत सरकार के स्वामित्व वाला बैंक है, जिसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी अलग पहचान बनाई है। सिंगापुर और हांगकांग में इसकी विदेशी शाखाएं तथा तेहरान में प्रतिनिधि कार्यालय इसके वैश्विक विस्तार को दर्शाते हैं। बैंक की विशेष पहचान भारत-ईरान के बीच रुपया-रियाल और भारत-रूस के बीच रुपया-रूबल व्यापार तंत्र को सुगम बनाने में भी रही है, जिससे यह रणनीतिक वित्तीय कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में 'लॉकलेस' शाखा की स्थापना ने भी इसे सामाजिक विश्वास और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बना दिया।

यूको बैंक की जड़ें स्वतंत्रता संग्राम के दौर से जुड़ी हैं। वर्ष 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान प्रख्यात उद्योगपति घनश्याम दास बिड़ला ने भारतीय पूंजी और प्रबंधन के साथ एक वाणिज्यिक बैंक की परिकल्पना की, जिसे साकार रूप देते हुए 'यूनाइटेड कमर्शियल बैंक' की स्थापना की गई। ₹2 करोड़ की प्रारंभिक पूंजी के साथ शुरू हुए इस बैंक ने एक साथ 14 शाखाओं का संचालन शुरू किया, जो उस समय एक बड़ी उपलब्धि मानी गई। स्वतंत्रता के बाद बैंक ने तेजी से विस्तार करते हुए रंगून, सिंगापुर, हांगकांग और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों में अपनी शाखाएं स्थापित कीं।

वर्ष 1969 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीयकरण के बाद बैंक ने देश की आर्थिक नीतियों और सामाजिक विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। 1985 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम की समानता से उत्पन्न भ्रम को दूर करने के लिए इसका नाम बदलकर यूको बैंक कर दिया गया। इसके बाद संगठनात्मक पुनर्गठन, प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और मानव संसाधन विकास पर जोर देकर बैंक ने अपनी कार्यक्षमता को और मजबूत किया। ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी का नेतृत्व करते हुए इसने वित्तीय समावेशन और गरीबी उन्मूलन योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समय के साथ यूको बैंक ने आधुनिक बैंकिंग जरूरतों के अनुरूप खुद को ढाला है। रिटेल, कृषि और एमएसएमई ऋण हब, इंटीग्रेटेड ट्रेजरी ब्रांच, पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के माध्यम से यह ग्राहकों को व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर SWIFT नेटवर्क और वैश्विक बैंकों के साथ संवाददाता संबंधों के जरिए यह सीमा-पार लेनदेन और व्यापार वित्त को सुगम बनाता है। इसके साथ ही प्रशिक्षण संस्थानों और जोनल कार्यालयों के मजबूत ढांचे ने इसकी संचालन क्षमता को और प्रभावी बनाया है।

आज यूको बैंक केवल एक बैंक नहीं, बल्कि दशकों की विरासत, सरकारी समर्थन और जनविश्वास का संगम है। "Honours your Trust" के अपने मूलमंत्र के अनुरूप इसने न केवल ग्राहकों का भरोसा जीता है, बल्कि बदलते आर्थिक परिवेश में खुद को एक स्थिर और जिम्मेदार वित्तीय संस्था के रूप में स्थापित किया है। यही कारण है कि यूको बैंक की पहचान केवल उसकी सेवाओं से नहीं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता और निरंतर विकास की यात्रा से भी तय होती है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal