
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांच के बीच पंजाब किंग्स के खेमे से एक ऐसी खबर आई जिसने प्रशंसकों की सांसें रोक दीं, लेकिन साथ ही राहत की एक किरण भी जगाई है। पंजाब किंग्स के कप्तान और स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के दौरान एक घातक चोट का शिकार हो गए, जिससे उनके पूरे सीजन से बाहर होने की आशंका जताई जा रही थी।
हालांकि, टीम प्रबंधन की ओर से आए ताजा अपडेट ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। चोट की गंभीरता को देखते हुए यह अंदेशा था कि अय्यर शायद लंबे समय तक मैदान से दूर रहें, लेकिन कोच ब्रैड हेडिन ने पुष्टि की है कि कप्तान की हड्डियों में कोई फ्रैक्चर नहीं है और वह जल्द ही मैदान पर वापसी कर सकते हैं।
यह घटना उस समय घटी जब पंजाब किंग्स 163 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। पारी के 12वें ओवर में नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े अय्यर अपने ही साथी खिलाड़ी कूपर कोनोली के एक प्रहार का शिकार बन गए। राशिद खान की गेंद पर कोनोली द्वारा लगाया गया वह शॉट इतना तेज था कि अय्यर को हटने तक का समय नहीं मिला और गेंद सीधे उनकी कलाई पर जा लगी। दर्द से कराहते हुए कप्तान तुरंत मैदान पर गिर पड़े, जिसे देख डग-आउट में बैठे मुख्य कोच रिकी पोंटिंग और अन्य कोचों के चेहरों पर चिंता की लकीरें उभर आईं। हालांकि, फिजियो के उपचार के बाद उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी जारी रखी, पर दुर्भाग्यवश अगली ही गेंद पर वे अपना विकेट गंवा बैठे।
मैदान पर चोट के साथ-साथ अय्यर के लिए यह मैच अनुशासन के मोर्चे पर भी भारी रहा। धीमी ओवर गति (स्लो ओवर-रेट) के उल्लंघन के कारण उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि एक्स-रे रिपोर्ट में कोई हड्डी नहीं टूटी है, लेकिन सूजन के कारण 3 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ होने वाले मैच में उनकी उपलब्धता पर संशय बना हुआ था। असिस्टेंट कोच ब्रैड हेडिन ने उम्मीद जताई है कि यदि सूजन कम हो जाती है और कलाई की मूवमेंट सामान्य हो जाती है, तो अय्यर एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले हाई-प्रोफाइल मुकाबले में नेतृत्व करते नजर आएंगे।
पंजाब किंग्स के लिए श्रेयस अय्यर केवल एक कप्तान ही नहीं, बल्कि उनकी बल्लेबाजी की रीढ़ भी हैं। पिछले सीजन में 604 रन बनाने वाले अय्यर का अभ्यास सत्र में लंबे छक्के लगाना इस बात का संकेत है कि उनकी रिकवरी तेजी से हो रही है। चेपॉक के मैदान पर पंजाब का हालिया रिकॉर्ड शानदार रहा है, जहां उन्होंने पिछले तीन सीजन में लगातार जीत दर्ज की है। ऐसे में सीएसके के खिलाफ उनकी मौजूदगी टीम के मनोबल के लिए निर्णायक साबित होगी। दूसरी ओर, चेन्नई की टीम अपने पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स से मिली हार के बाद दबाव में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 'किंग्स' का यह सेनापति अपनी चोट को मात देकर मैदान पर फिर से वही दहाड़ लगा पाता है या नहीं।
