
भारत सरकार के 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के तहत लसाड़िया ब्लॉक की ग्राम पंचायत अग्गड़ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की गईं।
इस शिविर में आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग और जांच की गई, ताकि बीमारी का पता चलते ही तत्काल उपचार शुरू किया जा सके। बीसीएमओ डॉ. शिंटू कुमावत ने बताया कि जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद और जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. विष्णु दयाल मीणा के निर्देशन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन के लिए सुलभ बनाना है।
शिविर में हाथ में धारण की जाने वाली पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से मौके पर ही जांच की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी जांच कराई और चिकित्सा विभाग के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना या अन्य टीबी के लक्षण महसूस हों, तो बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर निःशुल्क जांच जरूर कराएं। शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षण और बचाव की जानकारी देते हुए टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया।
