
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लसाड़िया वन रेंज में प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ 'वंदे गंगा जल संरक्षण' एवं 'हरियालो राजस्थान' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया।
इस दौरान वन रेंज के समस्त नाकों और नर्सरियों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण, परिसर की साफ-सफाई तथा पौधों की वैज्ञानिक पद्धति से शिफ्टिंग जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। उप वन संरक्षक सुरेश अग्रवाल एवं सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़ के कुशल निर्देशन में कड़ियाकुड़ी (लसाड़िया) और डाईखेड़ा नर्सरी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता लसाड़िया प्रधान श्रीमती लीला देवी ने की। प्रधान ने ग्रामीणों को वन एवं पर्यावरण के अटूट महत्व से अवगत कराते हुए महिलाओं को तुलसी के पौधे भेंटकर पौधारोपण अभियान का विधिवत श्रीगणेश किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह के समक्ष जल, जंगल और पर्यावरण को भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखने की महती आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी हर्षवर्धन सिंह ने विभागीय योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि लसाड़िया की डाईखेड़ा एवं कड़ियाकुड़ी नर्सरियां लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी थीं, जिन्हें राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'हरियालो राजस्थान' योजना के अंतर्गत पुनः सक्रिय कर आमजन की सेवा में समर्पित किया गया है। ब्लॉक स्तर पर नर्सरी के अभाव में पौधों की उपलब्धता को लेकर हो रही समस्याओं के समाधान हेतु इन नर्सरियों का संचालन पुनर्जीवित करना एक बड़ा प्रशासनिक कदम है। इससे क्षेत्रवासियों को अब विभाग द्वारा निर्धारित उचित दरों पर सहजता से पौधे प्राप्त हो सकेंगे। हर्षवर्धन सिंह ने जानकारी दी कि 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत बांसी, कड़ियाकुड़ी (लसाड़िया), डाईखेड़ा एवं दानितलाई नर्सरियों में कुल 82,500 पौधों की नर्सरी तैयार की गई है, जिनका वितरण कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। कार्यक्रम में वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति के सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों तथा वन विभाग के समस्त कार्मिकों ने सहभागिता निभाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। इस अभियान से क्षेत्र में हरियाली का दायरा बढ़ने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण की प्रबल संभावना है।
