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मणिपुर को हिंसा की आग में झोंकने वाला मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद!

Prathakal 1 week ago

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी मोर्चे पर काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। मणिपुर के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कंगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) के शीर्ष नेता और हिंसक वारदातों के मास्टरमाइंड हाओबिजाम दिलीप सिंह को देश की राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त और खुफिया अभियान चलाकर अंजाम दिया है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी नेता की निशानदेही पर मणिपुर के काकचिंग जिले में सुरक्षा बलों ने एक व्यापक तलाशी अभियान चलाकर भारी मात्रा में अत्याधुनिक अवैध हथियार, गोला-बारूद और सैन्य सामाग्री बरामद की है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।

सुरक्षा मामलों के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन केसीपी का शीर्ष कमांडर हाओबिजाम दिलीप सिंह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर दिल्ली में एक गुप्त बैठक (सीक्रेट मीटिंग) करने के इरादे से पहुंचा था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को उसके दिल्ली आगमन और संभावित ठिकानों के बारे में बेहद पुख्ता इनपुट मिले थे। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मणिपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने आपसी रणनीतिक समन्वय स्थापित करते हुए दिल्ली के संबंधित इलाके में घेराबंदी की और आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू की, जिसके बाद मणिपुर में छिपाई गई हथियारों की एक बड़ी खेप का खुलासा हुआ।

हाओबिजाम दिलीप सिंह की दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के काकचिंग जिले के घने और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ा संयुक्त बरामदगी अभियान चलाया गया। इस सघन ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को जमीन के भीतर और रणनीतिक ठिकानों से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त करने में कामयाबी मिली। बरामदगी की सूची में हथियारों के अलावा विभिन्न रंगों के कई बैग, एक बड़ी तिरपाल, प्लास्टिक के सुरक्षा बैग और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक रेडमी 13सी स्मार्टफोन भी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल मणिपुर में दोबारा बड़े पैमाने पर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

गिरफ्तार किए गए उग्रवादी नेता हाओबिजाम दिलीप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर रहा है। सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ देश की संप्रभुता को चुनौती देने और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत 12 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह इससे पहले भी मणिपुर में हुई कई जघन्य और हिंसक वारदातों में सीधे तौर पर संलिप्त रहा है, जिसमें साल 2018 में हुई थोकचोम टोनी सिंह की चर्चित हत्या का मामला भी शामिल है। इस हत्याकांड के सिलसिले में उसे पहले गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन बाद में उसने अदालत से मेडिकल ग्राउंड (स्वास्थ्य संबंधी आधार) पर जमानत हासिल कर ली थी। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह कानून के शिकंजे से फरार हो गया और दोबारा देश-विरोधी व उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होकर नेटवर्क का संचालन करने लगा।

दिल्ली पुलिस और मणिपुर पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि देश के किसी भी हिस्से में छिपे अपराधियों और उग्रवादियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। हाओबिजाम दिलीप सिंह की गिरफ्तारी और उसके पास से भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी ने पूर्वोत्तर राज्य में उग्रवाद के वित्तपोषण और हथियार आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। अदालत में अब आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी धाराओं के तहत मामला चलाया जा रहा है, और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि दिल्ली में उसके मददगार कौन थे और वह यहां किन लोगों से मिलने आया था। इस सफल ऑपरेशन से मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों को निश्चित रूप से एक नई मजबूती मिलेगी।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal