
उत्तर भारत में मौसम का तांडव: मैदानों में आंधी का शोर, पहाड़ों पर बर्फबारी की चादर
नई दिल्ली: मार्च का अंतिम सप्ताह उत्तर भारत के लिए राहत और आफत दोनों लेकर आया है। एक के बाद एक सक्रिय हो रहे कई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण पूरे उत्तर भारत का मौसम पूरी तरह बदल गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
मैदानी राज्यों में आंधी और ओलावृष्टि का संकट
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मौसम सबसे अधिक अस्थिर बना हुआ है।
- उत्तर प्रदेश और पंजाब: यहाँ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- राजस्थान और हरियाणा: राजस्थान के मरूस्थलीय इलाकों में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है, जिससे दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है। हरियाणा के कुछ जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर
मैदानों में जहाँ बारिश हो रही है, वहीं ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सर्दी ने फिर से दस्तक दे दी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है।
- पर्यटन पर असर: बर्फबारी के चलते श्रीनगर-लेह राजमार्ग और कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे ऊंचे इलाकों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन जरूर चेक करें।
- तापमान में गिरावट: बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण इन राज्यों के न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बिजली गिरने और तूफान का खतरा
IMD ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का खतरा अधिक है। खासकर खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तूफान के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
27 मार्च तक अस्थिर रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव केवल एक दिन का नहीं है। 27 मार्च 2026 तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने इस मौसमी सिस्टम को और अधिक ताकतवर बना दिया है।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
- फसलों की सुरक्षा: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
- यात्रा सावधानी: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के खतरों को देखते हुए गैर-जरूरी यात्रा से बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आंधी और बिजली कड़कने के दौरान बिजली के उपकरणों का प्रयोग कम करें।
उत्तर भारत में कुदरत के इस बदले रूप ने गर्मी के आगमन पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। हालांकि यह बारिश तापमान को कम कर राहत दे रही है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। 27 मार्च के बाद ही आसमान साफ होने और धूप निकलने की उम्मीद है।
