
राजस्थान में बालिका शिक्षा को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली के रोहट में श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता कन्या गुरुकुल संस्थान द्वारा नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के साथ ही कन्या गुरुकुल के 10वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की दूरगामी नीतियों के माध्यम से उच्च शिक्षा के स्तर पर आधारभूत संरचनाओं का विकास और विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे बेटियों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास तभी संभव है जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। इस दृष्टि से यह कन्या महाविद्यालय स्थानीय क्षेत्र की बालिकाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्थानीय क्षेत्र की जल आवश्यकता की पूर्ति के लिए डीपीआर बनवाने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के रोडमैप को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप राज्य सरकार युवा, महिला, किसान और मजदूर के उत्थान को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली और पानी को प्राथमिकता देते हुए राम जल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता और सोम-कमला-अम्बा जैसी योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसे वर्ष 2027 तक पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार निजी क्षेत्र में 6 लाख और सरकारी क्षेत्र में 4 लाख रोजगार सृजन के लक्ष्य पर कार्यरत है। अब तक लगभग 1 लाख 25 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 33 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और सवा लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। निजी क्षेत्र में 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनके कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक से युवाओं के सपने टूटे थे।
महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से बालिका लिंगानुपात में सुधार हुआ है, वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के माध्यम से महिलाओं की गरिमा और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने जयपुर में 23 से 25 मई को आयोजित होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 में किसानों और पशुपालकों को भाग लेने का आमंत्रण दिया, जिसमें देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और निवेशक शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार ने ढाई वर्षों में 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोले हैं और 185 महाविद्यालय भवनों का लोकार्पण किया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में केवल 57 भवन बनाए थे। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विकास के लिए 125 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, 50 पीजी और 73 यूजी महाविद्यालयों में नए विषय प्रारंभ किए गए हैं और प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 330 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है। साथ ही, मेधावी छात्राओं को 43 हजार से अधिक स्कूटियों का वितरण किया गया है।
समारोह में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने संस्थान के योगदान को रेखांकित किया, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने गुरुकुल परंपरा को जीवन मूल्यों का आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंजणी माता मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और गुरुकुल की बालिकाओं से संवाद कर शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद पी.पी. चौधरी, लुम्बाराम चौधरी, विधायक हमीर सिंह भायल, जीवाराम चौधरी, अरुण चौधरी, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पीठाधीश्वर साध्वी भगवती बाईजी, दयाराम जी महाराज, पदमाराम जी महाराज, सुमन सुलभ जी महाराज, गुरुकुल छात्राएं और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार का प्रतीक बना, बल्कि महिला सशक्तीकरण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभरा।
