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मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में मरीज ने की आत्महत्या, बीएमसी का दावा- कर्मचारियों की नहीं थी लापरवाही

मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में मरीज ने की आत्महत्या, बीएमसी का दावा- कर्मचारियों की नहीं थी लापरवाही

Prathakal 2 weeks ago

मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित कस्तूरबा अस्पताल में एक मरीज द्वारा फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। अस्पताल के शौचालय में हुई इस दुखद घटना से पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीएमसी प्रशासन ने तुरंत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। बीएमसी का कहना है कि प्राथमिक जांच के अनुसार अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों या अन्य कर्मचारियों की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही, चूक अथवा हड़बड़ी देखने को नहीं मिली है।

अस्पताल प्रशासन से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, मृतक की पहचान प्रभुराम के रूप में हुई है, जो दादर रेलवे स्टेशन के पास फुटपाथ पर रहकर अपना जीवन यापन करता था। उसे बीते 29 जुलाई 2026 की तड़के लगभग 5:30 बजे तेज बुखार की शिकायत के बाद उपचार हेतु कस्तूरबा अस्पताल लाया गया था। मरीज के साथ कोई भी रिश्तेदार या परिवार का सदस्य न होने के बावजूद डॉक्टरों ने मानवीय आधार पर उसे तुरंत वार्ड नंबर 13 में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया था। अस्पताल के अनुसार भर्ती के समय मरीज की शारीरिक और मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य प्रतीत हो रही थी। 30 जुलाई को कराई गई उसके रक्त की सभी मेडिकल जांच रिपोर्ट भी सामान्य आई थीं और उसे नियमित दवाएं दी जा रही थीं।

घटनाक्रम के अनुसार, 31 जुलाई की शाम करीब 5:15 बजे मरीज शौचालय की ओर गया था। काफी देर तक बाहर न आने पर जब सफाई कर्मचारी ने संदेह होने पर अंदर देखा, तो वह शौचालय के केबिन के भीतर फांसी के फंदे से लटका पाया गया। शोर मचते ही अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत नीचे उतारा और इमरजेंसी विभाग पहुंचाया। हालांकि, तमाम चिकित्सा प्रयासों के बावजूद शाम करीब 5:30 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना की सूचना तत्काल आग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन को दी गई। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए नायर अस्पताल भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी प्रशासन द्वारा दी गई सफाई के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सामान्य स्वास्थ्य रिपोर्ट के बावजूद मरीज ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी और लावारिस मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal