मुंबई की महापौर रितू तावडे वाशी और ऐरोली नाका के सौंदर्यीकरण योजना के निरीक्षण के दौरान स्थल का जायजा लेती हुईं, जहां 'WhatsApp Image 2026-06-01 at 7.10.55 PM.jpeg' के अनुसार वे अधिकारियों को निर्देश दे रही हैं।
मुंबई। मायानगरी मुंबई के प्रमुख प्रवेश द्वारों का कायाकल्प करते हुए उन्हें एक नई और मनमोहक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई की महापौर रितू तावडे ने शहर के महत्वपूर्ण एंट्री पॉइंट्स, वाशी नाका और ऐरोली नाका को पर्यावरण-अनुकूल और नयनरम्य 'हरित क्षेत्र' के रूप में विकसित करने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया है। सोमवार को इन दोनों प्रमुख स्थलों का प्रत्यक्ष दौरा करने के उपरांत महापौर ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि महामार्गों के दोनों ओर फैली अनचाही झाड़ियों और कचरे को अविलंब हटाकर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। इन स्थानों पर बड़े पैमाने पर आकर्षक फूलों वाले वृक्षों का रोपण किया जाएगा।
इस विशेष सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण महाअभियान का विधिवत शुभारंभ आगामी 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर स्वयं महापौर द्वारा पौधारोपण के साथ किया जाएगा। दौरे के दौरान महापौर रितू तावडे ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर पंतनगर से मुलुंड के मध्य खाड़ी किनारे स्थित क्षेत्र में 'पीले अमलतास' और 'पिंक टेबूबिया' जैसे रंग-बिरंगे एवं छायादार वृक्ष लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस वृहद योजना को धरातल पर उतारने के लिए बीएमसी के 'एन', 'एस' और 'टी' वार्ड समन्वित रूप से कार्य करेंगे।
महापौर रितू तावडे का मानना है कि मुंबई के इन प्रवेश द्वारों से प्रतिदिन लाखों लोग गुजरते हैं। ऐसे में घनी हरियाली और फूलों की चादर न केवल महानगर के सौंदर्य में चार चांद लगाएगी, बल्कि वाहनों के उत्सर्जन और धूल को सोखकर वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार करेगी। इस अभियान को मात्र एक सरकारी पहल तक सीमित न रखकर इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह 'ग्रीन बेल्ट' न केवल पक्षियों के लिए एक प्राकृतिक आवास सिद्ध होगी, बल्कि मुंबईकरों को एक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण की सौगात प्रदान करेगी।

