
निंबाहेड़ा में शिक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में वंडर सीमेंट लि. ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए 2 करोड़ 61 लाख 25 हजार 6 सौ रुपये की जनसहयोग राशि प्रदान की है, जिसके माध्यम से जिले के 15 राजकीय विद्यालयों में कुल 6.53 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य संपादित किए जाएंगे।
वंडर सीमेंट लि. निम्बाहेड़ा के 'नींव इनिशिएटिव' के तहत संचालित सी.एस.आर. कार्यक्रम के अन्तर्गत यह सहयोग श्रीचंद कृपलानी, विधायक निम्बाहेड़ा एवं पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री, राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर प्रदान किया गया। कंपनी के यूनिट हेड नितिन जैन द्वारा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, चित्तौड़गढ़ प्रमोद दशोरा एवं अति. जिला परियोजना समन्वयक समसा राजेन्द्र कुमार शर्मा को विद्यालयों में निर्माण कार्य संपादित करवाने हेतु उक्त राशि के चेक हस्तांतरित किए गए।
नितिन जैन ने बताया कि इस सहयोग के तहत क्षेत्र के 13 राजकीय विद्यालयों तथा 2 कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों में कक्षा-कक्ष, बास्केटबॉल कोर्ट, शौचालय इकाई, विद्यालय स्वागत द्वार, डोम तथा पाथ-वे जैसे आवश्यक निर्माण शामिल हैं, जो शीघ्र प्रारम्भ होंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से राजकीय विद्यालय उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि वंडर सीमेंट लि. द्वारा परियोजना क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों के उन्नयन हेतु शिक्षा विभाग को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। कंपनी एकलव्य ज्ञान केन्द्रों को भी नियमित सहयोग दे रही है। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर लैब, विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सेट, विद्युतीकरण, सीसीटीवी कैमरा स्थापना, खेल मैदानों का विकास तथा पौधारोपण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य पहले से किए जा चुके हैं।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, चित्तौड़गढ़ प्रमोद दशोरा ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कंपनी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के समग्र उन्नयन में वंडर सीमेंट लिमिटेड की सक्रिय भागीदारी, प्रतिबद्धता और तत्परता के कारण क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों के स्वरूप में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के नामांकन में सराहनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस पहल की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
यह पहल न केवल आधारभूत संरचना को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार को भी नई दिशा देगी।
