
भारतीय जनता पार्टी मंडल फतहनगर-सनवाड़ के तत्वावधान में रविवार को संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय समारोह का अत्यंत भव्य और गरिमामयी शुभारंभ हुआ।
पार्टी के जिला एवं प्रदेश पदाधिकारियों की विशिष्ट उपस्थिति ने इस आयोजन में अभूतपूर्व उत्साह और ऊर्जा का संचार किया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र बाबा साहब के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का औपचारिक श्रीगणेश प्रातः 10 बजे रोडवेज बस स्टैंड स्थित अंबेडकर सर्किल पर हुआ, जहां श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का विधि-विधान से दुग्धाभिषेक किया गया। इस पावन अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और समर्पित कार्यकर्ताओं ने क्रमवार प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान शिल्पी को नमन किया और उनके क्रांतिकारी विचारों व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का दृढ़ संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा के पश्चात सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए कार्यकर्ताओं ने फव्वारा पार्क परिसर में सघन स्वच्छता अभियान चलाया। झाड़ू थामकर कार्यकर्ताओं ने न केवल परिसर की साफ-सफाई की, बल्कि आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए एक सशक्त संदेश प्रेषित किया। इस पूरे आयोजन के माध्यम से समाज में सामाजिक समरसता, स्वच्छता और भारतीय संविधान के प्रति अटूट निष्ठा का संचार करने का प्रयास किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान, जिला संयोजक दीपक शर्मा, मंडल अध्यक्ष नितिन सेठिया, जिला मंत्री ऋतु अग्रवाल, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार खटीक, जिला कार्यकारिणी सदस्य कुंतल जोशी, प्रदीप रवानी, मंडल महामंत्री अशोक मोर, रोशनलाल खटीक, निवर्तमान पार्षद गजेन्द्र सिंह रावल, सोहन लाल खटीक, विनोद चावड़ा, भैरुलाल बैरवा, छोगालाल प्रजापत, नटवर अग्रवाल, भावेश गोयल, राजीव दुबे, मनोज साहू, राजेन्द्र, ओमप्रकाश, रत्नेश बुनकर, पराग रजक, बनवारी लाल तम्बोली, अंकित खटीक, छोटु यादव, सत्यनारायण यादव एवं हिरालाल रेगर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आयोजन समिति के अनुसार अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की यह श्रृंखला तीन दिनों तक अनवरत जारी रहेगी। इसी क्रम में 14 अप्रैल को अंबेडकर सर्किल पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो इस त्रि-दिवसीय महोत्सव का चरमोत्कर्ष होगा। यह आयोजन न केवल बाबा साहब के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम बना है, बल्कि क्षेत्र में वैचारिक जागृति का नया अध्याय लिख रहा है।
