
PM Modi Thiruvalla Kerala election rally April 2026 : दक्षिण भारत की राजनीति में शनिवार को उस वक्त एक बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्ला की चुनावी जनसभा में केरल की सत्ता परिवर्तन की तारीख का औपचारिक एलान कर दिया।
"जय केरलम, जय विकासिता केरलम" के गगनभेदी उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि आगामी 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद, 4 मई को केरल में भाजपा-एनडीए गठबंधन की सरकार का गठन होगा। प्रधानमंत्री का यह बयान न केवल राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिरता को चुनौती देता है, बल्कि दशकों से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच घूमती केरल की सत्ता के समीकरणों को भी पूरी तरह बदलने का संकेत देता है।
प्रधानमंत्री ने जनसभा में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार केरल की फिजाओं में बदलाव की स्पष्ट लहर है और राज्य एक ऐतिहासिक परिवर्तन की दहलीज पर खड़ा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के समर्थन का उल्लेख करते हुए इसे एनडीए की जीत का मुख्य आधार बताया। तिरुवल्ला से एनडीए उम्मीदवार अनूप की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें एक समर्पित और कर्मठ साथी बताया, जो पिछले पांच वर्षों से उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। मोदी ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि केरल की जनता ऐसे नेतृत्व को चुने जो दिल्ली और तिरुवनंतपुरम के बीच विकास का एक मजबूत सेतु बन सके।
विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर केरल की बुनियादी जरूरतों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य की जर्जर सड़कों, पुलों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन दोनों गठबंधनों ने बारी-बारी से राज्य को केवल पीछे धकेलने का काम किया है। केंद्र सरकार के प्रयासों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में केरल को मिलने वाली विकास निधि में पांच गुना की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना और मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण को रेखांकित किया और "लखपति दीदी" योजना के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि एनडीए सरकार का विजन केरल की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों और गोवा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एनडीए की सरकारों ने वहां विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने सबरीमाला रेलवे परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए गेम-चेंजर बताया, लेकिन साथ ही आरोप लगाया कि मौजूदा राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की राह में जानबूझकर रोड़े अटकाए हैं। प्रधानमंत्री ने अंत में "डबल इंजन" की ताकत का आह्वान करते हुए कहा कि यदि केरल में एनडीए की सरकार बनती है, तो किसानों, मछुआरों और स्थानीय समुदायों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। प्रधानमंत्री का यह दौरा केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसका वास्तविक परिणाम 4 मई की मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
