
जयपुर, 1 जून 2026: राजस्थान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का वैश्विक एवं अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी मंथन की शुरुआत हो चुकी है।
जयपुर में आयोजित 'राजस्थान एजुकेशन समिट 2026' में राज्य के शैक्षणिक और औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने का खाका खींचा गया। एसोचैम (ASSOCHAM) राजस्थान स्टेट काउंसिल और आईआईएचएमआर (IIHMR) यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उच्च स्तरीय समिट का मुख्य विषय "एआई आधारित शिक्षा एवं विजन 2030 के माध्यम से राजस्थान को सशक्त बनाना" रखा गया, जो राज्य के भविष्य की नई इबारत लिखने का संकेत है।
इस गरिमामयी और रणनीतिक कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री तथा तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के विजन को मजबूती से सामने रखा। इस समिट में शिक्षा, तकनीक और उद्योग जगत के 150 से अधिक प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिट के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार व नैतिक उपयोग, शिक्षा एवं उद्योग जगत के बीच गहरे सहयोग, डिजिटल परिवर्तन की गति तेज करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा भविष्य की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रमों को तैयार करने जैसे गंभीर और नीतिगत मुद्दों पर विस्तृत व गहन चर्चा की गई।
समिट के मुख्य स्तंभों पर प्रकाश डालते हुए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने बेहद महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एआई आधारित शिक्षा केवल एक तकनीकी या डिजिटल परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समान अवसरों के सृजन, विद्यार्थियों के भीतर आलोचनात्मक व विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने तथा देश के युवाओं को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार करने का एक सशक्त और अनिवार्य माध्यम भी है।
इस समिट का आयोजन और इसमें लिए गए निर्णय इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि राजस्थान अब पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर एआई के दौर में एक नई औद्योगिक और शैक्षणिक क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुका है। उद्योगों और तकनीकी संस्थानों की यह ऐतिहासिक साझेदारी न केवल राज्य के युवाओं को विश्व स्तरीय कौशल से लैस करेगी, बल्कि विजन 2030 के संकल्प को धरातल पर उतारकर राजस्थान को देश का सबसे मजबूत डिजिटल और शैक्षिक राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
