
सवाई माधोपुर। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और खुदरा व्यापारिक परिदृश्य को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार की 'राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025' के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गई है।
सवाई माधोपुर सहित संपूर्ण प्रदेश में पिछले वर्ष 10 दिसंबर से प्रभावी हुई यह दूरदर्शी नीति 31 मार्च, 2029 तक क्रियान्वित रहेगी, जिसका सीधा लाभ जिले के व्यापारियों, युवा उद्यमियों और विभिन्न संस्थागत इकाइयों को प्राप्त होगा। इच्छुक आवेदक अब अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) अथवा ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
व्यापारिक विस्तार को वित्तीय संबल प्रदान करने हेतु इस नीति के अंतर्गत अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया गया है, जिस पर सरकार द्वारा आकर्षक ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। योजना के नियमों के अनुसार, 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जो अधिकतम 5 वर्षों की अवधि तक देय होगा। यह वित्तीय सहायता नए व्यापारिक प्रतिष्ठानों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार में आने वाले आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम करेगी। समावेशी विकास के दृष्टिकोण को साकार करते हुए नीति में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांगजन वर्ग के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। इन विशिष्ट वर्गों के उद्यमियों को 1 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत का ब्याज अनुदान प्राप्त होगा, जिससे समाज के हर वर्ग की स्वरोजगार में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
वित्तीय ऋण के अतिरिक्त, व्यापारियों को सुरक्षा कवच और डिजिटल बाजार में पैठ बनाने के लिए भी व्यापक सहायता दी जा रही है। नीति के तहत बीमा प्रीमियम पर 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये प्रति वर्ष) तक की सहायता राशि, सीजीटीएमएसई योजना के अंतर्गत 5 करोड़ रुपये तक के ऋण पर लगने वाली गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये) तक पुनर्भरण किया जाएगा। पात्रता के दायरे में 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तिगत आवेदक सहित एचयूएफ, सोसायटियां, पार्टनरशिप फर्में, एलएलपी और कंपनियां शामिल हैं। आवेदन के समय फोटो, आधार कार्ड और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जैसे दस्तावेज अनिवार्य होंगे, हालांकि वे आवेदक पात्र नहीं माने जाएंगे जिन्होंने पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य सरकारी योजना के तहत समान प्रकृति के ब्याज अनुदान का लाभ उठाया है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विजन के अनुरूप यह नीति प्रदेश के लगभग 10.5 लाख से अधिक व्यापारियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। सवाई माधोपुर जिले के संदर्भ में यह पहल रोजगार सृजन और निवेश को नई गति प्रदान करने वाली सिद्ध होगी। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण और व्यापारियों को एक मजबूत संबल प्रदान करने वाली यह 'पॉलिसी-2025' न केवल व्यापारिक विकास के द्वार खोलेगी, बल्कि जिले को आर्थिक आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रणी बनाएगी।
