
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) के संचालन को लेकर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन प्रेषित कर योजना को पूर्ववत एवं सुचारू रूप से जारी रखने की मांग उठाई है।
ज्ञापन में योजना से जुड़ी वर्तमान समस्याओं को रेखांकित करते हुए इसे बंद नहीं करने तथा किसी भी प्रकार के बदलाव से पूर्व कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) राज्य के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, विधायकों एवं पूर्व विधायकों को सरकारी तथा अनुमोदित निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराती है। यह योजना 1 जुलाई 2021 से संचालित है और इसमें जन-आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण किया जाता है। योजना के तहत लाभार्थियों को कैशलेस ओपीडी, आईपीडी तथा दवाओं की सुविधा मिल रही है, जिससे यह योजना राज्य कार्मिकों, शिक्षकों एवं पेंशनभोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी और लोकप्रिय साबित हुई है।
संगठन ने ज्ञापन में वर्ष 2026 की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि निजी अस्पतालों के भुगतान का भारी बकाया होने के कारण कई स्थानों पर दवाओं एवं उपचार में अस्थायी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इस स्थिति के चलते लाभार्थियों को कैशलेस सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और कई मरीजों को स्वयं खर्च कर इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि योजना को इंश्योरेंस मॉडल पर संचालित करने की चर्चाओं से कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों में असंतोष का वातावरण बन रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया कि आरजीएचएस योजना के संचालन हेतु कर्मचारियों के वेतन से नियमित अंशदान लिया जाता है, इसलिए इसका पूरा आर्थिक भार राज्य सरकार पर नहीं है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने मांग की कि योजना को निजी बीमा कंपनियों के माध्यम से संचालित करने के बजाय वर्तमान स्वरूप में अधिक पारदर्शिता और मजबूती के साथ जारी रखा जाए। साथ ही पूर्व में बंद की गई सुविधाओं को पुनः प्रारंभ करने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि योजना को बंद किया गया या इसके स्वरूप में प्रतिकूल परिवर्तन किया गया तो राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनभोगियों में व्यापक विरोध की स्थिति बन सकती है। अंत में मुख्यमंत्री से जनहित, लोकहित एवं राज्यहित को ध्यान में रखते हुए आरजीएचएस योजना का सुचारू संचालन जारी रखने का आग्रह किया गया। ज्ञापन पर महेंद्र कुमार लखारा, महामंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के हस्ताक्षर अंकित हैं।
