
चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के प्रांगण में कैडेट्स के सर्वांगीण विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के उद्देश्य से अंतर सदनीय ओब्सटेकल प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन सुनिश्चित किया गया।
यह चुनौतीपूर्ण स्पर्धा स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी श्रीकुमार के कुशल एवं प्रभावी निर्देशन में संपन्न हुई। स्कूल के ओब्सटेकल ग्राउंड में आयोजित इस गरिमामयी प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया रहे, जिनका स्वागत सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं टोनी अब्राहम द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के दौरान कैडेट्स ने विभिन्न जटिल एवं चुनौतीपूर्ण बाधाओं को पार करते हुए अपनी उत्कृष्ट शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, त्वरित निर्णय लेने की कला तथा टीमवर्क का बेमिसाल प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। संपूर्ण आयोजन के दौरान अनुशासन, असीम ऊर्जा और प्रखर प्रतिस्पर्धात्मक भावना का अद्भुत समन्वय दृष्टिगोचर हुआ।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य कैडेट्स में धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना, नेतृत्व क्षमता को निखारना तथा समन्वय एवं अटूट खेल भावना को बढ़ावा देना था। मैदान पर कैडेट्स ने असाधारण गति, सहनशक्ति और अटूट समर्पण का परिचय दिया। इस स्पर्धा में कुल आठ सदनों के कैडेट्स ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी शारीरिक दृढ़ता और टीम भावना का लोहा मनवाया। व्यक्तिगत श्रेणी के परिणामों में बादल हाउस के कैडेट अंशु मांजू ने मात्र 1.26 मिनट में बाधा कोर्स पूरा कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि लव हाउस के शिव शक्ति ने 1.34 मिनट के साथ द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं, हमीर हाउस के अनुष्क जादौन, प्रताप हाउस के अंकित खर्रा तथा सांगा हाउस के हिमांशु खालिया ने 1.36 मिनट का समय लेकर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर कब्जा जमाया। सदनों की समग्र रैंकिंग में हमीर हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपना दबदबा कायम किया, जबकि कुश हाउस ने द्वितीय और जयमल हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मुख्य अतिथि कर्नल जसरोटिया ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में रेखांकित किया कि इस प्रकार की साहसिक प्रतियोगिताएँ कैडेट्स के व्यक्तित्व निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास, कड़े अनुशासन एवं पूर्ण समर्पण के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता हाउस को गौरवशाली ट्रॉफी प्रदान की गई, जो कैडेट्स के परिश्रम और सामूहिक विजय का प्रतीक बनी।
