
जल संरक्षण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" के अंतर्गत 2 जून को प्रातः 8 बजे एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण आधिकारिक कार्यक्रम खंडार क्षेत्र के ग्राम जेतपुर में स्थित मानसरोवर बांध की रेस्ट चौकी परिसर में आयोजित होगा, जिसमें जिले भर के प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण भागीदार बनेंगे।
जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण शर्मा ने इस महाअभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत गरिमामय ढंग से पारंपरिक जल पूजन के साथ की जाएगी। इसके पश्चात जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए व्यापक स्तर पर नहरों एवं खालों की साफ-सफाई, डी-सिल्टिंग (मिट्टी हटाना) तथा श्रमदान जैसी धरातलीय गतिविधियां चलाई जाएंगी। इस जिला स्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य जन-जन को जल की महत्ता के प्रति सचेत करना है, जिसके तहत विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिष्ठित कार्यक्रमों जैसे "कैच द रेन", "जल संचय जनभागीदारी" एवं "कर्मभूमि से मातृभूमि" अभियान को भी इस आयोजन के अंतर्गत समाहित करते हुए प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
आधिकारिक रूप से इस अवसर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई नवीन जल संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा, जिससे भविष्य में जल संग्रहण की क्षमताओं को विस्तार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा पूर्व में पूर्ण हो चुके विभिन्न जल संवर्धन कार्यों का गहन अवलोकन करने के साथ ही उनका विधिवत लोकार्पण भी संपन्न होगा। कार्यक्रम के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों को सुदृढ़ करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के विशेषज्ञ वहां मौजूद रहकर आमजन को वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) संबंधी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी प्रदान करेंगे। वहीं, दूसरी ओर भू-जल विभाग द्वारा पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर ही एक विशेष जल परीक्षण अभियान भी संचालित किया जाएगा। यह जिला स्तरीय कार्यक्रम न केवल सवाई माधोपुर में जल संकट के स्थायी समाधान की नींव रखेगा, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक युगांतकारी मील का पत्थर साबित होगा।
