
उपखंड चौथ का बरवाड़ा की ग्राम पंचायत ईसरदा निवासी कृषक रामलाल पुत्र गंगाराम यादव ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक, जल-संरक्षण आधारित और लाभकारी स्वरूप प्रदान किया है।
लगभग 2 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले रामलाल ने विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव किया है।
रामलाल को वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक गिर्राज प्रसाद कोठारी से विभिन्न योजनाओं की जानकारी और प्रेरणा प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2025-26 में पीएम-कुसुम कम्पोनेंट-बी योजना के तहत अपने खेत पर 5 एचपी क्षमता तथा 30 मीटर हेड का सोलर पंप स्थापित कराया। सोलर संयंत्र की कुल लागत 3,05,000 रुपये रही। योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत अनुदान के प्रावधान के अनुसार कृषक ने जिला उद्यान विकास समिति के खाते में 1,29,221 रुपये कृषक हिस्सा राशि जमा कर संयंत्र स्थापित कराया।
इसके साथ ही उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई प्रणाली भी स्थापित की, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की प्रभावी सिंचाई संभव हो रही है।
रामलाल ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए बिजली की अनियमित आपूर्ति और अधिक लागत की समस्या बनी रहती थी। अब सोलर पंप के माध्यम से समय पर सिंचाई हो रही है, जबकि फव्वारा सिंचाई प्रणाली से पानी की बचत के साथ फसलों की बेहतर बढ़वार हो रही है। इससे खेती की लागत में कमी आई है तथा उत्पादन और आय में वृद्धि हुई है।
ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए रामलाल ने कहा कि विभागीय योजनाओं से उनकी खेती अधिक आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनी है। उन्होंने राज्य सरकार तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
ब्लॉक सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन ने बताया कि पीएम-कुसुम एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं से सिंचाई लागत कम होने के साथ जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। यह पहल आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसानों को आत्मनिर्भर और लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ाने का उदाहरण बन रही है।
