Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सावन में चढ़ा पतंगबाजी का जुनून, भुसावर में गूंजा 'वो काटा' का शोर और पक्षियों की चिंता

सावन में चढ़ा पतंगबाजी का जुनून, भुसावर में गूंजा 'वो काटा' का शोर और पक्षियों की चिंता

Prathakal 2 weeks ago

स्वीर में भुसावर कस्बे की एक दुकान पर कुछ बच्चे और दुकानदार रंग-बिरंगी पतंगें थामे हुए बैठे दिखाई दे रहे हैं।

तस्वीर में भुसावर कस्बे की एक दुकान पर कुछ बच्चे और दुकानदार रंग-बिरंगी पतंगें थामे हुए बैठे दिखाई दे रहे हैं।

सावन माह लगते ही भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे सहित उपखण्ड मुख्यालय के ग्रामीण अंचल में पतंगबाजी का उत्साह शुरू हो गया है। रक्षाबंधन के पर्व पर आसमान को सतरंगी पतंगों से भर देने वाली परंपरा के बीच बच्चे, युवक और महिलाएं सुबह से शाम तक घरों की छतों पर पतंग उड़ाते नजर आ रहे हैं।

राजस्थान प्रदेश के कई जिलों में भाई-बहन के अटूट प्रेम के पर्व रक्षाबंधन पर पतंगबाजी का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इसी क्रम में ब्रज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे में सावन माह शुरू होते ही पतंगबाजी के शौकीनों का जुनून बढ़ गया है। भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग छतों पर पहुंचकर पतंग उड़ाने का आनंद ले रहे हैं।

पतंगबाजी के दौरान कई जगहों पर शौकीन लोग बारिश और धूप से बचने के लिए त्रिपाल, छतरियां तथा मनोरंजन के लिए लाउडस्पीकर और म्यूजिक सिस्टम लगाकर पतंग उड़ाते और नाचते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान गलियों में 'वो काटा', 'वो मारा' की आवाजें गूंज रही हैं।

सावन माह शुरू होते ही भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय के ग्रामीण अंचल में रंग-बिरंगी पतंगों की दुकानें भी सज गई हैं। इन दुकानों पर स्पाइडर-मैन, मोटू पतलू, छोटा भीम के अलावा राजनेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, योगी आदित्यनाथ, फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली के बाली पतंगे उचित दामों में उपलब्ध हैं।

पतंगबाजी के बढ़ते उत्साह के बीच भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने युवाओं से बेजुबान पक्षियों का ध्यान रखने की अपील की है। संगठनों ने कहा है कि पतंग उड़ाने के उत्साह में कई बार लोग पक्षियों की ओर ध्यान नहीं देते और मांझे में फंसने से पक्षी घायल हो जाते हैं, यहां तक कि उनकी मृत्यु भी हो जाती है।

सामाजिक संगठनों की ओर से अपील की गई है कि प्रातः 06 बजे से लेकर 09 बजे तक एवं सायंकाल 06 बजे से लेकर 08 बजे तक पतंग नहीं उड़ानी चाहिए। क्योंकि यह समय बेजुबान पक्षियों के अपने घोंसलों से दाना-पानी खोजने के लिए निकलने और वापस आने का होता है।

इसके साथ ही बच्चों को अपनी निगरानी में पतंगबाजी कराने और संभव हो तो खुले मैदान में पतंग उड़ाने का आनंद लेने की अपील की गई है। सावन में पतंगबाजी की परंपरा के साथ पक्षियों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बनाए रखना भी जरूरी बताया गया है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal