Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story

तमिलनाडु की राजनीति में महा-भूकंप! समर्थकों ने लगाए पोस्टर, क्या अमित शाह से मिलकर बड़ा फैसला लेंगे अन्नामलाई

Prathakal 4 months ago

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर भारी उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई अचानक चेन्नई से देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं।

उनके इस दिल्ली दौरे के बाद दक्षिण से लेकर उत्तर भारत के सियासी गलियारों में अटकलें चरम पर हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई आज भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने वाले हैं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं। पिछले कुछ समय से तमिलनाडु में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अन्नामलाई के बीच वैचारिक मतभेदों की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद अब उनके द्वारा पार्टी से इस्तीफा देने और एक नया राजनीतिक विकल्प तलाशने की अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि कोयंबटूर में उस समय तैयार हुई जब अन्नामलाई के समर्थकों द्वारा शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर विशालकाय पोस्टर लगा दिए गए। आगामी 4 जून को उनके जन्मदिवस से ठीक पहले लगाए गए इन पोस्टरों ने राज्य की सियासत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इन पोस्टरों पर 'हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए' जैसे बड़े और स्पष्ट नारे लिखे गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये पोस्टर महज एक बधाई संदेश नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि अन्नामलाई बीजेपी से अलग होकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच या नए क्षेत्रीय दल के गठन जैसी किसी बड़ी रणनीतिक पहल की तैयारी कर रहे हैं। इन पोस्टरों के सार्वजनिक होने के बाद से ही बीजेपी के भीतर भी हलचल मची हुई है।

अन्नामलाई ने दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडिया कर्मियों से संक्षिप्त बातचीत की। हालांकि, उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य और इस्तीफे को लेकर चल रही खबरों पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। पत्रकारों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के जवाब में उन्होंने केवल इतना कहा कि कृपया थोड़ा इंतजार करें, हम अगले दो दिनों में बैठकर इस विषय पर विस्तार से बात करेंगे। उनके इस नपे-तुले और रहस्यमयी बयान ने संशय को और अधिक गहरा कर दिया है, जिससे यह माना जा रहा है कि दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ होने वाली बैठक के बाद वे कोई बड़ा और निर्णायक फैसला ले सकते हैं।

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर साल 2020 में राजनीति के मैदान में उतरे अन्नामलाई ने बहुत कम समय में बीजेपी के भीतर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई थी। अपनी आक्रामक शैली और स्पष्ट वक्तव्य के कारण वे साल 2021 से 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य भर में कई व्यापक राजनीतिक अभियानों का नेतृत्व किया, जिससे सोशल मीडिया और विशेषकर राज्य के युवा मतदाताओं के बीच उनका एक बड़ा जनाधार तैयार हुआ। लेकिन साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद स्थितियां बदलने लगीं। बीजेपी का सबसे प्रमुख चेहरा होने के बावजूद उन्होंने खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, जिसके बाद से ही उनके और केंद्रीय नेतृत्व के संबंधों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे थे।

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कक्षा 9 के छात्रों के लिए प्रस्तावित त्रिभाषा नीति को लेकर अन्नामलाई ने सार्वजनिक रूप से केंद्रीय फैसले की खुलकर आलोचना की थी। अपनी ही पार्टी की नीति के खिलाफ जाने के उनके इस कदम ने पार्टी आलाकमान के साथ चल रहे मतभेदों पर मुहर लगाने का काम किया। जहां राजनीतिक पर्यवेक्षकों का एक वर्ग यह मान रहा है कि अन्नामलाई दिल्ली में केंद्रीय संगठन के भीतर किसी बड़े पद या राष्ट्रीय स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण भूमिका की मांग कर सकते हैं, वहीं दूसरा धड़ा यह मान रहा है कि बात अब मान-मनौव्वल के दौर से काफी आगे निकल चुकी है और वे अपनी अलग राजनीतिक राह चुन सकते हैं।

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार के विभाजन या मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि अन्नामलाई संगठन के एक अत्यंत मूल्यवान और महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनकी यह दिल्ली यात्रा पूरी तरह से संगठनात्मक और नियमित रणनीतिक चर्चाओं का हिस्सा है। बहरहाल, आज दिल्ली के सत्ता गलियारों में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर पूरे देश के राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर न केवल तमिलनाडु की क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ेगा बल्कि दक्षिण भारत में पैर पसारने की कोशिश कर रही बीजेपी की भविष्य की रणनीतियों को भी प्रभावित करेगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal