
हाड़ी स्थित माँ चामुण्ड़ा कुलदेवी कानेश्वरी (मंगरा वाली) ठि-ताना (मेवाड़) मंदिर परिसर में शुक्रवार को बैशाखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर नव निर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सम्पन्न हुआ।
अखिल भारतीय धनगर गाडरी समाज दुगरता गौत्र परिवार राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के सहयोग से निर्मित इस प्रवेश द्वार के लोकार्पण से पूर्व बैण्ड बाजा के साथ विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जो ताणा के विभिन्न मार्गों से होती हुई मंदिर परिसर पहुंची।
कार्यक्रम के तहत 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर डीजे साउंड की धुन के साथ शोभायात्रा में भाग लिया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा हवन-यज्ञ एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके पश्चात महाआरती कर शुभ मुहूर्त में प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर समस्त गाडरी समाज एवं ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
लोकार्पण समारोह राजराणा 1008 केप्टन नारायण प्रताप सिंह, ठिकाणा-ताणा (मेवाड़) के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया। ग्राम ताणा में पहाड़ पर विराजमान माँ चामुण्ड़ा मंदिर के मुख्य मार्ग पर आयोजित इस समारोह में दूगरता समाज की व्यापक भागीदारी देखने को मिली।
इस अवसर पर पूर्व उप प्रधान भीम सिंह ताणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष शम्भू लाल गाडरी, भाजपा नेता प्रताप सिंह भाटी, माँगी लाल धुप्पड़, सुरेश जाजू, अर्जुन सिंह झाला, अशोक धुप्पड़, निर्भय सिंह झाला, हरि ओम सिंह झाला, हेम राज माली, कुलदीप सिंह झाला, लक्ष्मण गाडरी सहित बड़ी संख्या में समाज के स्त्री-पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व सुबह हवन प्रारंभ हुआ और विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें राम लाल कुमावत, कैलाश पटेल, राजेंद्र भोपा जी, मनोहर सिंह, पंडित राम प्रसाद सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
फोटो आकोला। क्षेत्र के पहाड़ी पर स्थित मां चामुंडा माता का प्रवेश द्वार का लोकार्पण करते हुए।
फोटो आकोला। हवन यज्ञ करते श्रद्धालु।
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी सशक्त संदेश दिया।
