
टोंक शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर की सिकुड़ती सड़कों को मुक्त कराने के उद्देश्य से नगर परिषद का पीला पंजा भारी पुलिस बल के साथ मैदान में उतरा और अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई शहर के प्रमुख क्षेत्रों कृषि मंडी, बनवारी लाल चौराहा और धन्ना तलाई मुख्य मार्ग पर केंद्रित रही, जहां सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अभियान के दौरान कई थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे लंबे समय से बाधित यातायात को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल चौधरी के निर्देश पर संचालित इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में लगातार मिल रही शिकायतें रही हैं। अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल प्रभाव से अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
राजस्व निरीक्षक सौरभ गर्ग ने बताया कि बस स्टैंड से डिपो तक का मुख्य मार्ग अतिक्रमण के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सड़क किनारे फैले कबाड़ और अवैध निर्माणों के चलते यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली से आई टीम ने भी इस मार्ग की स्थिति पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद नगर परिषद ने सख्त कदम उठाते हुए अभियान को तेज किया।
नगर परिषद के अनुसार इस कार्रवाई को लेकर शहरवासियों का समर्थन मिल रहा है और लोग टोंक को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, जिससे शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके।
