
उदयपुर। सरकारी तंत्र पर हमला करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध उदयपुर जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पानरवा थाना पुलिस ने बीते दिनों वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने गई संयुक्त टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक इनामी अपराधी सहित कुल तीन अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, आगामी 12 फरवरी 2026 को ग्राम कोदरनाल में क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस थाना पानरवा की संयुक्त टीम द्वारा राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा था। वन विभाग की जमीन पर जंगल काटकर किए गए अवैध कब्जे को हटाने की इस वैधानिक प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने उग्र होकर पुलिस एवं वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक कृत्य पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रकरण संख्या 16/2026 दर्ज किया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109 (1), 121(1), 132, 189(2), 190, 221 एवं राजस्थान वन अधिनियम 1953 की धारा 26 के तहत अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोपाल स्वरूप मेवाडा एवं वृताधिकारी कोटडा डूंगरसिंह चुण्डावत के सुपरविजन में पानरवा थानाधिकारी सबीर खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी सहयोग और सटीक मुखबिर तंत्र की सहायता से दबिश देकर मामले में वांछित इनामी आरोपी होनिया पिता भोमा निवासी जुनापादर, माण्डवा को धर दबोचा। इसके साथ ही हमले में शामिल अन्य दो अभियुक्तों प्रेमचन्द पिता शंकर निवासी माण्डवा और लाता पिता रेवा निवासी पुनावली को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी सबीर खान के साथ कांस्टेबल गजेन्द्र कुमार (337), दिलीप कुमार (2340), किशनाराम (1093), प्रकाशचन्द्र (3237), उमेश कुमार (2361) और चालक कांस्टेबल प्रेम कुमार (3280) की अहम भूमिका रही। वर्तमान में पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और प्रकरण में अनुसंधान जारी है। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई ने सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले अपराधियों के बीच कड़ा संदेश दिया है कि कानून के रक्षकों पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
