
उदयपुर के ऋषभदेव थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने गांव के सरपंच के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में प्रताड़ित कर छोड़ देने के आरोप में मामला दर्ज करवाया है।
घटना का विवरण और आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़िता का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह अपने पीहर में रह रही थी। वह आजीविका संस्था के माध्यम से पंचायत समिति ऋषभदेव में सन 2020 से नौकरी कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान गडावत सरपंच वालचंद पुत्र संग्राम मीणा निवासी गौरिम्बा विलख, ऋषभदेव से हुई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में वालचंद, उसके पिता संग्राम मीणा और मां शांता देवी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया और ऋषभदेव में कुम्हारवाडा में एक कमरा किराए पर लेकर उसे वहां रखा, जहां आरोपी आए दिन उसके साथ रहता था और शारीरिक संबंध बनाता था।
आरोपी ने पीड़िता पर दबाव बनाकर पंचायत समिति की नौकरी छुडवा दी और उससे कहा कि "वह सरपंच है और लोगों को पता चलेगा तो उसका राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा, इसी कारण उसे उदयपुर में रहने के लिए कहा।"
शोषण और प्रताड़ना का सिलसिला
इस दौरान पीड़िता ने एक पुत्री को जन्म दिया। आरोपी ने उसे उदयपुर के सविना तथा मल्लातलाई में किराए पर रखा। जब पीड़िता ने आरोपी पर पुत्री के जन्म प्रमाण पत्र बनाने का दबाव बनाया ताकि उसका स्कूल में प्रवेश करा सके, तो आरोपी ने उदयपुर आना बंद कर दिया और फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे ऋषभदेव बुलाया। पीड़िता जब ऋषभदेव गई तो आरोपी वहां मिले और उसे जबरन घर पर ले जाकर बंधक बनाकर मारपीट की।
अगले दिन उसे हाईवे पर छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह उदयपुर आ गई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने लगी।
अंतिम घटनाक्रम और पुलिस जांच
पीड़िता के कानूनी कदम उठाने पर आरोपी ने उससे संपर्क कर फिर से साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ अपनी बहन के घर लेकर गया, जहां उसने फिर से शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने उसे फिर से साथ रखने से इंकार कर दिया। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
